
रायपुर, १० सितम्बर । यात्री ट्रेनों का लगातार परिचालन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी। इसके लिए रणनीति तय कर ली गई है। 10, 11 और 12 सितंबर को शहर के समस्त चौक-चौराहों पर पंपलेट और पोस्टर चस्पा कर केंद्र सरकार की नाकामी को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। 13 सितंबर को रेलवे स्टेशन के सामने उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ट्रेनों से अधिकतर मध्यमवर्गी लोगों के साथ मजदूरों का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है। ट्रेनों का परिचालन रद्द होने से उनका काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। केंद्र सरकार द्वारा बुजुर्गों और छात्रों को मिलने वाली रियायतें भी खत्म कर दी गई हैं। साथ ही प्लेटफार्म टिकट भी कई गुना महंगा हो गया है। विधायक अरुण वोरा ने कहा कि रेल सस्ता और सुलभ परिवहन का साधन है, जिसको केंद्र सरकार निजी हाथों में बेचने का षड्यंत्र कर रही है। इसी कारण से ट्रेनों को हफ्ते तक बंद करने का फरमान जारी कर दिया जाता है। महीनों पहले रेल यात्री रिजर्वेशन कराकर रखते हैं और एन मौके पर ट्रेनों को रद्द कर दिया जाता है। ग्रामीण अध्यक्ष उधो राम वर्मा ने कहा कि पहली बार रेल की पटरियों को सुना देखा गया है। इन पटरियों पर यात्री ट्रेनों के अलावा सिर्फ मालगाडिय़ां ही दौड़ती नजर आती हैं। शहर प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने कहा कि प्रदेश की खनिज संपदाओं का भरपूर दोहन किया जा रहा है, लेकिन यहां के रहवासी यात्री ट्रेनों पर सफर नहीं कर पा रहे हैं।





















