
कोरबा। सडक़ सुरक्षा एक आम और महत्वपूर्ण विषय है, आम जनता में खास तौर से नये आयु वर्ग के लागों में अधिक जागरूकता लाने के लिए इसे शिक्षा, सामाजिक जगरूकता आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ा गया है । प्रोजेक्ट बनाने, चर्चा, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता में शमिल होना या निबंध लेखन प्रतियोगिता की तरह ही विद्यार्थियों को अपने स्कूल में निम्न जरूरतों को पूरा करने के लिए इस विषय से अच्छे से परिचित होना चाहिए । इंडस पब्लिक स्कूल दीपका द्वारा विद्यालय में आयोजित सडक़ सुरक्षा कार्यक्रम में विद्यार्थी एवं स्कूल स्टॉफ ने कार्यक्रम में भाग लेकर सडक़ सुरक्षा के नियमों की जानकारी प्राप्त की । उन्होंने इस कार्यक्रम में जाना कि सडक़ पर गाड़ी चलाते समय लोगों के गलतियों के कारण सडक़ दुर्घटनाओं और सडक़ किनारे लगी चोट के खतरे को कम करने के लिए सडक़ सुरक्षा एक सुरक्षात्मक कदम है । सडक़ यातायात अनुसरण कर्ताओं की कमी और गाड़ी चलाते समय की गलतियों के कारण लोगों की मृत्यु और रोज होने वाले सडक़ दुर्घटनाओं को हम गिन नहीं सकते । सडक़ पर चलने वाले हर व्यक्ति के साथ चोट और मृत्यु का खतरा बना रहता है । जैसे पैदल पथ पर चलने वाले, मोटर साईकिल चलाने वाले, साईकिल चलाने वाले, राहगीर आदि ।विद्यार्थियों ने यातायात के नियमों से संबंधित विभिन्न प्रेरक चित्रों के माध्यम से सभी को जागरुक करने का प्रयास किया।सभी विद्यार्थियों ने बारी-बारी से यातायात के नियमों की जानकारी से संबंधित नियमों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने कई प्रकार के एक्टिविटी के माध्यम से भी सडक़ सुरक्षा से संबंधित जानकारी दिया । विद्यार्थयों ने रोचक नाटिका का मंचन किया और यातायात के नियमों की जानकारी देकर सबका ज्ञानवर्धन किया ।सभी को सडक़ यातायात की नियमों की अच्छे से जानकारी होनी चाहिए खासतौर से बच्चे और युवा लोगों को जो महत्वपूर्ण सडक़ दुर्घटना के खतरे पर रहते हैं । आंकड़ो के अनुसार (विश्व स्वास्थ्य संगठन 2008) ऐसा पाया गया कि अस्पतालों में ज्यादा भर्ती होने का मामला और मृत्यु की मुख्य वजह सडक़ दुर्घटना है । सडक़ पर होने के दौरान सडक़ सुरक्षा बहुत ही जरूरी है और सभी के द्वारा जरूर जानना चाहिए । क्योंकि मृत्यु की मुख्य वजहें सडक़ दुर्घटना बन रहीं है । सभी को यातायात नियमों के बारे में अपने शुरूआती समय से ही जानना चाहिए जिससे बाद के जीवन में वो एक सुरक्षात्मक व्यवहार अपना सके । इस आयोजन में श्री सव्यसाची सरकार (शैक्षणिक प्रभारी) ने सडक़ नियमों पर पावर पाइंट प्रस्तुतीकरण देकर बताया कि सडक़ पर चलने वाले सभी को अपने बाँये तरफ होके चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से वाहन को जाने देना चाहिए ।चालक को सडक़ पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिए ।अधिक व्यस्त सडक़ों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें ।दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिए नहीं तो उन्हे बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिए ।गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक रखें ,खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में ।सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिए ।सडक़ो पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो । यात्रा के दौरान सडक़ सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें ।शराब पीकर गाड़ी चलाना सडक़ हादसों का प्रमुख कारण है ।डॉ संजय गुप्ता(प्राचार्य) ने बड़े ही सहज रूप में बच्चों को सडक़ सुरक्षा से जुड़ी बातों को समझाया और साथ ही साथ चित्रों की आकर्षक प्रस्तुति द्वारा नियमों की जानकारी दी गई । उन्होने बताया कि गाड़ी चलाने के दौरान सेल फोन या दूसरे इलेक्ट्रानिक उपकरणों के इस्तेमाल के कारण चालक का ध्यान हटने के कारण सडक़ दुर्घटना का खतरा बढ़ा है । ऐसे मामलों में सडक़ हादसों और चोटों से दूर रखने के लिए यातायात नियम और कानून आपकी मदद करता है । सडक़ सुरक्षा उपाय वह हथियार हैं जो आपको महँगे यातायात अर्थदंड, गंभीर अपराधों, ड्राइविंग लाइसेंसो के निष्कासन आदि से बचा सकता है । पैदल चलने वाले भी सडक़ पर चलने का नियम जानते हैं जैसे क्रॉसवाक का उचित प्रयोग, जेबरा क्रॉसिंग का इस्तेमाल आदि ।आई.पी.एस. दीपका के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा नियमों का करो सम्मान, ना होगी दुर्घटना, ना होंगें आप परेशान । सुरक्षा कर्तव्य है हमारा, सुरक्षित हो हर कार्य हमारा, सुरक्षा का धर्म है निभाना, सुरक्षित रोज घर जाना । सभी स्कूलों के बच्चों ने सडक़ सुरक्षा के नियमों की जानकारी प्राप्त किया तथा इस जानकारी को अन्य लोगों तक पहुँचाने का संकल्प लिया ।हमारे देश में दिन-प्रतिदिन बढ़ती वाहनों की संख्या को देखते हुए । अब यह काफी आवश्यक हो चुका है कि हम सडक़ सुरक्षा से जुड़े मानकों को अनिवार्य रूप से अपनायें क्योंकि मात्र इसी के द्वारा ही सडक़ सुरक्षा दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है ।





























