
बिश्रामपुर। एमडीओ मोड के जरिए संचालित एसईसीएल की केतकी भूमिगत परियोजना में कार्यरत ठेका मजदूरों को निर्धारित मजदूरी राशि से कम राशि का भुगतान करने का विरोध करने पर पांच दर्जन से अधिक ठेका मजदूरों को कार्य से निकाल दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को पीडि़त ठेका मजदूरों ने एटक यूनियन के बैनर तले खदान के समक्ष तीन घंटे धरना प्रदर्शन कर नाराजगी जताई।
इस दौरान चार सूत्रीय मांग पूरी नहीं होने पर 27 नवंबर को महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिया गया। बता दे की एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की केतकी की भूमिगत परियोजना एमडीओ मोड से संचालित है। खदान में कंटीन्यूअस माइनर के जरिए अनुबंध कंपनी एसएमएसएल केतकी एमडीओ प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा कोयला उत्पादन किया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित निजी कंपनी द्वारा ठेका श्रमिकों को कोल इंडिया प्रबंधन की हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित मजदूरी से आधे से भी काम मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था। जिसका विरोध करने पर अनुबंध कंपनी द्वारा पांच दर्जन से अधिक ठेका श्रमिकों को कार्य से निकाल दिया गया। इसी बात से आक्रोशित ठेका मजदूरों ने शुक्रवार को चार सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को केतकी खदान के समक्ष एटक यूनियन के बैनर तले धरना प्रदर्शन कर तीन घंटे जमकर हंगामा मचाया। एटक के कंपनी स्तरीय अध्यक्ष कामरेड अजय विश्वकर्मा ने कहा कि एसएमएसएल कंपनी द्वारा खदान में कार्यरत् मजदूरों को तय मजदूरी कम वेतन का भुगतान किया जा रहा है। वेतन पर्ची व सीएमपीएफ संबंधी गड़बड़ी को लेकर जब ठेका श्रमिकों द्वारा निर्धारित मजदूरी राशि का भुगतान करने समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की गई, तो अनुबंध कंपनी द्वारा उन्हें कार्य से निकाल दिया गया। जिसका हमारा संगठन विरोध करता है। संगठन की मांग है कि कार्य से निकाले गए ठेका श्रमिकों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए। उक्त अवधि में किये गए कम भुगतान का एरियर भुगतान किया जाए। हाई पावर कमेटी द्वारा तय मजदूरी का भुगतान किया जाए। सीएमपीएफ संबंधी रिकॉर्ड को दुरुस्त करते हुए सभी कामगारों को विवरण प्रदान किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एसईसीएल प्रबंधन एवं एसएमएसएल प्रबंधन द्वारा उक्त चार सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो 27 नवंबर को क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। एटक नेता पंकज गर्ग समेत आरके द्विवेदी, राजेश सिंह, आशीष पांडे, बेनुगोपाल सिंह, नरेंद्र यादव ने भी अपने उद्गार व्यक्त करते हुए प्रबंधन को जमकर आड़े हाथों लिया। इस दौरान पीडि़त ठेका मजदूर मौजूद रहे।






























