
पंपहाउस कालोनी में समस्या पर उदासीनता
कोरबा। ऐसा लगता है कि पंपहाउस कालोनी एसईसीएल में महामारी फैलने के बाद प्रबंधन के लोग नींद से जागेंगे। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यहां के दुर्गा पूजा पंडाल के पास कचरा डंपिंग यार्ड पर सीजीएम यार्ड के चपरासी ने अतिक्रमण कर लिया है। जानकारी होने पर सिविल और सुरक्षा विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब लोग सडक़ पर कचरा फेंकने पर मजबूर हैं। हवा चलने पर यही कचरा आसपास के आवासों मेें प्रवेश कर रहा है।
पहले से ही यह कालोनी समस्याग्रस्त बनी हुई थी और इसे समस्या से मुक्त करने का काम नहीं किया गया। लगातार अंधेरगर्दी होने के साथ अब एसईसीएल के छुटपुट कर्मियों ने यहां की जमीन को दबाने का काम शुरू कर दिया है। हद तो तब हो गई जब कोरबा सीजीएम कार्यालय में एक भृत्य ने उस स्थान को घेर लिया जो कचरा डंपिंग यार्ड के तौर पर यहां मौजूद था और आसपास का कचरा यहां डंप किया जा रहा था। रातोंरात इस अवैध निर्माण को किया गया। समय रहते स्थानीय लोगों ने अलग-अलग स्तर पर सीजीएम से लेकर एपीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी लेकिन उन्होंने दोषी कर्मचारी का बचाव करते हुए इन सूचनाओं को अनदेखा कर दिया। बताया जा रहा है कि छोटे हिस्से की घेराबंदी करने के बाद अब काफी बड़े हिस्से पर अवैध निर्माण कर लिया गया है। इसे लेकर मामला पुलिस चौकी तक भी पहुंचा लेकिन हुआ कुछ नहीं। यह जरूर है कि विवाद बढऩे पर सीएसईबी पुलिस मौके पर जरूर पहुंची और उसके द्वारा हस्तक्षेप करने का प्रयास किया गया जो नाकाम रहा। स्थानीय कर्मचारियों ने बताया कि कि कचरा यार्ड में अवैध निर्माण होने के कारण अब लोगों के घरों से निकलने वाला कचरा फेंकने के लिए जगह नहीं बची है ऐसे में सडक़ पर ही डाला जा रहा है। इसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। हवा चलने पर उसके दबाव से कचरा आसपास के घरों में पहुंच रहा है। कई प्रकार की चीजें शामिल होने के कारण स्थितियां बिगड़ रही है। कालोनी में गंदगी की समस्या के कारण पहले से ही लोग डरे हुए हैं, मौजूदा स्थिति ने उन्हें भयभीत कर रखा है कि गर्मी के मौसम में पता नहीं क्या होगा। बढ़े हुए मनोबल के साथ इस तरह का अतिक्रमण करने से आसपास में एसईसीएल की और भी जमीन पर अब दूसरे लोगों की गिद्ध नजर लगी हुई है।



























