डिजीटल अरेस्ट वारंट स्कैम, लोगों को सावधान कर रही पुलिस

कोरबा। साइबर ठगों ने अपनी दुकानदारी को जारी रखने के लिए तरीके बदलने पर जोर दिया है। अब डिजिटल अरेस्ट वारंट स्कैम इसी का एक हिस्सा है। पुलिस ने लोगों को इसके बारे में सचेत करने अभियान शुरू किया है।
बताया गया कि साइबर क्राइम के कारण शिक्षित लोग भी ठगी की घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। पीडि़तों को हथकड़ी लगने और लोक लाज का डर दिखाकर ठगी की जा रही है। लोगों को बताया गया है कि ठग किसी भी नंबर पर फोन या वाट्सएप कॉल करने के साथ भ्रमित करते हैं कि उन्होंने मोबाइल पर आपत्तिजनक कंटेंट खोलकर देखा है अथवा उनकी ओर से भेजे गए पार्सल में मादक पदार्थ मिले हैं जिससे डिजिटल गिरफ्तारी का मामला बनता है। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता है। वाट्सएप कॉल पर नकली पुलिस अधिकारी का प्रोफाइल फोटो लगाकर बताया जाता है कि उनकी दिक्कत बढऩे वाली है इसलिए सेटलमेंट के लिए रकम दी जाए। एसपी ने बताया कि अगर ऐसा कोई कॉल उनके पास आए तो सबसे पहले सुनिश्चित करें कि ये सब फर्जी है और इसे ध्यान नहीं देना है। इससे बचने के लिए अज्ञात कॉल का जवाब न दें और वित्तीय जानकारी किसी भी कीमत पर अनजान व्यक्ति को न दें। ऐसे कोई कॉल आते हैं तो अधिकारिक नंबर पर इसकी पुष्टि करें और ऑनलाइन निगरानी की मांग पर भी प्रतिक्रिया देने से बचें।

RO No. 13467/10