ताजिया बना निकाली जुलूस

कोरबा। बांकी मोंगरा क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की आबादी लगभग 300 घर की है, जहा प्रत्येक इस्लामिक पर्व बड़े धूम धाम से मनाया जाता है,,, वही मुहर्रम के माह के 10वी तारीख को जिले में होने वाली ताजिया पर्व मनाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था।पर इस बार बांकी मोगरा मुस्लिम समुदाय जामे गौसिया कमेटी व कोर कमेटी व सदस्यो द्वारा तय किया गया कि अब प्रतिवर्ष मुहर्रम के माह में 10वी के दिन बांकी मोगरा में ही ताजियादारी कर ताजिया व जुलूस निकाल कर मुहर्रम मनाया जायेगा,,,।दिनांक 29/07/23 दिन शनिवार को बांकी मोगरा मुस्लिम कमेटी द्वारा जिले का सबसे खूबसूरत व विशाल ताजिया (20फिट) बनाकर विशाल रैली का काफला निकाला जिसमे इमाम हुसैन के गुम्बद(मकबरा) का झांकी (ताजिया) निकाला साथ ही आतिशबाजी, तरह तरह के खेल दिखा अखाड़ा कर हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया गया,,,,
वही मुस्लिम (यूथ) नवजवान हुसैनी कमेटी व मुहम्मदी कमेटी द्वारा जुलूस ए हुसैनी में भरपूर योगदान दिया साथ ही जुलूस में शामिल लोग व सर्व समुदाय क्षेत्र वाशियो के लिए विशाल लंगर–ए–आम (भंडारा) का इंतजाम रख मुहर्रम (ताजिया) पर्व को सफल बनाने में भरपूर योगदान दे कर अहम भूमिका निभाई,,,,, साथ ही ताजिया जुलूस के काफिला के लिए जगह जगह, शरबत, खिचड़ा का इंतजाम रखा गया,,साथ ही बताते चले कि मूहर्रम का माह मुस्लिम समुदाय का इस्लामिक नया साल वाला मुबारक माह होता है,, इस माह में हजऱत इमाम हुसैन की सहादत हुई थी जिसकी याद में मुसलमान समुदाय ताजिया निकाल हुसैन को याद करते है,, इस माह में इमाम हुसैन शहीद हुए थे इसलिए इस माह को गम(दुख) का महीना भी माना जाता है,,, शिया मुसलमानो के द्वारा इस माह में इमाम हुसैन को याद कर मातम भी मनाया जाता है,,,,इस माह में मुसलमान ताजिया वाले दिन रोजा भी रखते है,,,,पर्व के अवसर पर बांकी मोंगरा क्षेत्र में पहली बार ताजिया निकाला गया जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय के साथ साथ अन्य समाज के लोगो मे भी उत्सुकता देखने को मिला ।

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