आगरा, 27 फरवरी ।
महाशिवरात्रि पर ताजमहल की सुरक्षा में फिर से सेंध लगा दी गई। अखिल भारतीय हिंदू महासभा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर बालों में जूड़ा बनाकर इसके अंदर शिवलिंग रखकर ताजमहल के अंदर ले गईं। उन्होंने दावा किया कि कल सुबह 10 बजे प्रवेश करने के बाद मेहमानखाने की ओर शिवलिंग रखकर महाकुंभ से लाए गंगाजल से अभिषेक और पूजा की। अन्य पदाधिकारियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला। मीरा राठौर ने जलाभिषेक के बाद कहा कि ताजमहल को गंगाजल से शुद्ध करने के लिए आई हूं। जूड़े मे बांधकर शिवलिंग और पूजा का सामान लाई थी।ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी का कहना है कि जांच की जा रही है।
प्रथम दृष्टया वीडियो पुराना लग रहा है। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में वीडियो बुधवार का नहीं मिला है। मीरा राठौर के फोन की जांच से खुलासा हो सकता है। वहीं, मीरा राठौर ने कहा कि एएसआई और सीआईएसएफ झूठ बोल रहे हैं। हर बार वह हमारे पूजा करने पर पल्ला झाड़ लेते हैं। यह बुधवार का ही वीडियो है। शिवरात्रि पर ही उन्होंने पूजा की है। किसी अन्य दिन पूजा का कोई औचित्य नहीं था। पूरे दिन पुलिस या किसी सुरक्षा एजेंसी ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया। ताजमहल में शिवलिंग, प्रतिमा या अन्य कोई धार्मिक प्रतीक चिह्न ले जाने पर रोक है। ताज के अंदर धूपबत्ती, अगरबत्ती, माचिस, शिवलिंग आदि ले जाने से सीआईएसएफ की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं। तमहिलाओं के बैग के लिए स्कैनर लगे हैं, लेकिन जूड़े में बांधकर शिवलिंग ले जाने के बाद बॉडी स्कैनर की जरूरत बताई जा रही है। ताज में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वह फेस रिकग्निशन सिस्टम से लैस हैं। मीरा राठौर बार बार ताज में सावन और शिवरात्रि पर पूजा करने पहुंच रही हैं, लेकिन सीसीटीवी में उनकी पहचान नहीं हो पाई। ताज के बाहर यलो जोन में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पर पुलिस मीरा राठौर के ताज पर पहुंचने की जांच भी नहीं कर पाई।