
दरंभगा, 01 सितम्बर । कमला बलान और कोसी नदी का जलस्तर बढऩे से कुशेश्वरस्थान और किरतपुर गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ के पानी को देखते सभी तैयारी कर ली गई है और सभी लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं। कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड से होकर गुजरने वाले कोसी एवं कमला बलान नदी के जलस्तर में बीती बुधवार की देर रात से कमी होने लगी है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, कमला बलान नदी के पश्चिमी तटबंध से पूरब बसे चार पंचायत में बाढ़ से उत्पन्न समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है।मालूम हो कि पिछले पांच दिनों में कोसी एवं कमला बलान नदी के जलस्तर में अचानक आई उछाल से इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका तथा तिलकेश्वर पंचायत के 20 से अधिक गांव पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। जिससे एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस जाने से पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है।मध्य विद्यालय उजुआ, उतक्रमित मध्य विद्यालय समौरा, इटहर, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीनिया, सगरदिना, कोला, जिमराहा, इटहर पोखर, चौकिया, बलथरबा, समौरा मुसहरी, कुंज भवन, झाझा और सिमरटोका सहित कई अन्य विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इस कारण से यहां पढ़ाई लिखाई बंद है।वहीं दूसरी ओर कुशेश्वरस्थन प्रखंड में जीबछ एवं कमला नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से पूर्वी प्रखंड के सुघराईन एवं महिसोट तथा कुशेश्वरस्थन प्रखंड के बडग़ांव, चिगरी सिमराहा पंचायत आधे दर्जन से अधिक चौर में बाढ़ का पानी फैलता जा रहा है। हालांकि, कमला बलान नदी के पश्चिमी तटबंध के पश्चिम बसे पूर्वी प्रखंड के पांच पंचायत एवं एक नगर पंचायत सहित कुशेश्वरस्थन प्रखंड के सभी 14 पंचायतों में बाढ़ जैसी हालत नहीं है। जबकि पूर्वी प्रखंड बलान बांध से पूरब के चार पंचायत पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित हो गया है। खेत, खलिहान एवं सभी ग्रामीण सड़कें बाढ़ के पानी से डूबा हुआ है। जिससे फसल बर्बाद हो गई है। यातायात का एक मात्र सहारा नाव रह गया है।
























