
बिलासपुर। महुआ होटल की बेशकीमती आवासीय जमीन को आठ वारिसानों ने नौ लोगों को आठ करोड़ में बेच दी। बिना रिकार्ड दुरुस्त कराए इस जमीन पर खरीदार यहां अब बड़ी-बड़ी दुकानों का निर्माण कर रहे हैं। इससे शासन को लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही है। बेचने या फिर बाद में निर्माण शुरू करने से पहले आवासीय भूमि को व्यवसायिक मद में बदलना था। ऐसा न कर खरीदार और दलालों ने सरकार के खजाने में सेंध लगाई है।
पुराना बस स्टैंड चौक के करीब ही महुआ होटल का संचालन हो रहा था। इसके संचालक के निधन के बाद उनके वारिसानों के नाम पर यह जमीन आ गई। पिछले साल इस जमीन को अलग-अलग आठ वारिसानों ने नौ लोगों को करीब आठ करोड़ रुपये में बेच दी। खरीदारों में विजय मोटवानी, मनोहर डंगवानी, रामचंद्र लालचंदानी, दिनेश कुमार माखीजा, रेखा रावलानी, पूजा सिदारा, अनिल रावलानी और विशाल सिदारा शामिल हैं। यहां जब होटल का संचालन हो रहा था तब यह जमीन आवासीय मद में थी। बिना रिकार्ड दुरुस्त कराए खरीदार यहां बड़ी-बड़ी दुकानों का निर्माण कर रहे हैं। खरीदी के बाद जमीन का मद परिवर्तन कराना था, लेकिन खरीदारों ने अधिकारियों को अंधेरे में रखकर निर्माण शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि महुआ होटल की इस बेशकीमती जमीन को लेकर जमकर दलाली भी हुई है। तोरवा निवासी अशो गेमनानी ने इस जमीन का एग्रीमेंट कराया। बाद में इसे दिलीप नेभानी और विक्की मोटवानी को पलटी कर दी। इन्हीं दोनों ने नौ लोगों को जमीन बेची है। इनमें कुछ एक ही परिवार के हैं जो दो-दो प्लाट की खरीदी की है। इसमें डेढ़ से दो करोड़ रुपये की दलाली हुई है।
दुकानों का कैसे हो गया नक्शा पास
आवासीय जमीन पर दुकानों का निर्माण हो रहा है। मामले में सवाल यह उठ रहा है कि आखिरकार खरीदारों को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से नक्शा किस आधार पर जारी किया गया है। इसमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत भी उजागर हो रही है।
पूर्व में हुई थी जांच
शुरुआत में अवैध प्लाटिंग की शिकायत सामने आने के बाद नगर निगम की ओर से इसकी जांच कराई गई थी। इसमें यह बात सामने आई थी कि महुआ होटल के संचालक के निधन के बाद इनके वारिसानों के नाम पर जमीन आ गई। इन्होंने ही अलग-अलग जमीन की रजिस्ट्री अलग-अलग लोगों से की है।
आवासीय जमीन का व्यवसायिक उपयोग करने का मामला गंभीर है। इसकी जल्द जांच कराई जाएगी। इसके बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके पूर्व भी इस महुआ होटल मामले की शिकायत सामने आ चुकी है। इसकी जांच कराई गई थी।
अमित कुमार, आयुक्त नगर निगम



















