दशहरा महोत्सव में हुए हादसे को लेकर जिम्मेदारों पर उठने लगे सवाल

चांपा। चांपा दशहरा महोत्सव के दौरान हुए हादसे को लेकर जिला प्रशासन सहित स्थानीय प्रशासन व नगर पालिका के अलावा कार्यक्रम आयोजकों की जिम्मेदारी और भूमिका पर भी सवाल उठने लगे है। कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है? और क्या इस मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर समुचित कार्यवाही की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि स्थानीय सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति द्वारा भालेराय खेल मैदान में शनिवार 12 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के विशाल पुतलों के दहन के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस दौरान रावण दहन के पूर्व आयोजकों द्वारा हाइटेक तरीके से राम-रावण संवाद का मंचन करने के लिए नगर पालिका चांपा की दो स्काईलिफ्ट मंगाई गई थी। रात्रि करीब 9 बजे स्काईलिफ्ट द्वारा राम-रावण संवाद के दौरान 30 फीट की ऊँचाई से एक स्काईलिफ्ट का बकेट टूटकर दर्शकों के ऊपर गिर गया। अचानक हुए इस हादसे में जहां लिफ्ट की बकेट में सवार राम, लक्ष्मण एवं हनुमान का किरदार निभा रहें कलाकार गिरने से चोटिल हो गए तो वही दशहरा उत्सव देखने आए ग्राम हरदी निवासी अवधेष सिंह 44 वर्ष तथा उनकी नन्ही पुत्री दृष्टि सिंह 5 वर्ष घायल हो गए। अवधेष सिंह के दोनों पैर टूट गए जिससे उन्हें उपचार के लिए बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं।
दशहरा महोत्सव के दौरान हुए हादसे ने करीब 1 वर्ष पूर्व भालेराय मैदान में आयोजित क्रिकेट स्पर्धा के दौरान गुब्बारें में पेंट करने के समय हुई आगजनी की घटना की पुन: याद ताजा कर दी हैं। 25 अप्रैल 2015 को घटित इस आगजनी के मामले में नगर के एक युवा पेंटर की असामयिक मौत हो गई थी तो वही तीन अन्य युवक बुरी तरह झुलस गए थे। बहरहाल पूर्व की घटना में जांच और दोषी की पहचान नहीं होने के साथ सबक नहीं लेने से एक और घटना घटित हो गई। जिसको लेकर सवाल उठने लगे है।
मामले की हो रही जांच
भालेराय मैदान में दशहरा महोत्सव के दौरान हुए हादसे की जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर समुचित कार्यवाही की जायेगी।
-डॉ. नरेश पटेल,
नगर निरीक्षक, चापा

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