
कोरबा। कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है। नगर पालिका परिषद दीपिका में अगर आने वाले दिनों में ऐसा कुछ हो जाए तो इस पर आश्चर्य नहीं होना चाहिए। प्रदेश में भाजपा को सरकार बनाने के लिए बहुमत मिलने के साथ विभिन्न सेक्टर में बदलाव की बयान चल पड़ी है। दीपिका नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति क्या शुरू हुई अब दूसरे समीकरण बनने भी प्रारंभ हो गए हैं।
जानकारों का कहना है कि अगर वर्तमान में जिस तरह की स्थिति बनी हुई है आगे भी ऐसा ही रहा तो निश्चित रूप से अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी और अध्यक्ष संतोषी दीवान को किनारे होना पड़ेगा। परिषद में केवल कांग्रेस के साथ पार्षद पिछले बार चुनाव जीत कर पहुंचे थे और हैरानी के अंदाज में उनके कोटे से अध्यक्ष को जीत हासिल हो गई थी। इन सबसे अलग भाजपा के खाते में ज्यादा पार्षद होने और एक अन्य पार्षद का समर्थन होने के बावजूद उसकी हर हो गई, इसे अपने आप में बड़ा झटका माना गया। 4 वर्ष का समय बीतने और कांग्रेस सरकार की विदाई के साथ तस्वीर बदल गई है। नतीजे के कुछ दिन के बाद ही भाजपा के पार्षदों ने अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया है जानकारी मिली है कि कुछ और पार्षद उनके संपर्क में है जो इस रणनीति में साथ देने के लिए तैयार है। जबकि एक अन्य खबर यह भी है कि अपनी फजीहत से बचने के लिए कांग्रेस के कुछ पार्षद भाजपा में जाने को बेचैन है। उन्हें किस प्रकार के ऑफर मिले हैं इसकी जानकारी नहीं है। दूसरी और भाजपा के एक पार्षद ने बताया कि किसी भी कीमत पर हम दूसरे दल के व्यक्ति को आगामी परिवर्तन स्थिति में अध्यक्ष के तौर पर मलाई खाने का कोई मौका नहीं देना चाहेंगे। दावा किया जा रहा है कि किस आधार पर आसपास में इस प्रकार का भ्रम बना हुआ है, समझ से परे हैं। शुक्रवार को भाजपा पाषर्दो की ओर से प्रशासन को नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवेदन दे दिया गया है, जिस पर बहुत जल्द आगे की प्रक्रिया की जानी है। लोगों को इस बात के प्रतीक्षा बनी हुई है कि आने वाले दिनों में इस रणनीति के क्या कुछ परिणाम सामने आते हैं।
























