दीपोत्सव : चिरई चुगनी, गेंदा और कमल की जमकर बिक्री

पूजन सामाग्रियों को बेचकर कमाए लाखों रूपए उपनगरीय क्षेत्रों, कस्बो से लेकर अंचल में उत्साह
कोरबा। समृद्धि का सबसे बड़ा हिंदू पर दीपावली पर्व आज मनाया जाएगा। कार्तिक अमावस्या को इसकी मुख्य पूजा होगी। दीपावली पर शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों, कस्बों में बाजार में काफी रौनक रही। इस दौरान दीपावली पर होने वाली पूजा से संबंधित सामाग्रियों की खरीदी सुबह से शुरू हुई। चिरई चुगनी के साथ-साथ मुख्य रूप से गेंदा और कमल फूलों, नारियल और मिठाईयों की बिकवाली ने छोटे कारोबारियों को खुश कर दिया। उन्होंने आज के दिन के लिए परंपरा और संस्कृति की शुरूआत करने वालों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और ईश्वर की अनुकंपा के लिए नमन किया। औद्योगिक जिले के नाम से पहचाने जाने वाले कोरबा जिले में कई लाख हेक्टेयर कृषि भूमि भी है। इस तरह मिश्रित आबादी का समावेश जिले के सभी क्षेत्रों में बना हुआ है। यह सभी लोग मिलकर आज त्रेता युग से चले आ रहे दीपावली पर्व को मनाएंगे। श्रीराम की लंका विजय और उनके अयोध्या में हुए भव्य स्वागत के साथ यह पर्व अपने मायने अब तक रेखांकित किये हुए हैं। पांच दिवसीय दीपावली पर्व को लेकर औद्योगिक नगर कोरबा के साथ-साथ एल्यूमिनियम सिटी बालकोनगर, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, दीपका के अलावा कटघोरा, पाली, छुरीकला समेत अन्य क्षेत्रों में सुबह से पूजन सामाग्री की बिक्री ने जोर पकड़ा। यह सिलसिला शाम तक चलेगा। विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में छोटी-बड़ी अस्थायी दुकानें लगाई गई जहां से लोगों ने पूजा का सामान बिना किसी मोलभाव के खरीदी में रूचि दिखाई। बाजार में दीपावली की पूजा के लिए मुख्य रूप से गेंदा और कमल फूलों की जबरदस्त बिक्री हुई। पूजा के अलावा सजावट के लिए गेंदा सहित अन्य प्रजातियों के फूलों की जरूरत होती है। कोरबा और उपनगरिय क्षेत्र के बाजार में फूलों का व्यवसाय इस बार भी काफी बेहतर बना हुआ है। इसी के साथ नगरीय व अन्य क्षेत्रों में अपेक्षा से कहीं ज्यादा चिरई चुगनी की दुकानें लगाई गईं जहां से हर किसी ने दीपावली की पूजा के लिए इसकी खरीदी की। विक्रेताओं ने बताया कि धान का संबंध कुल मिलाकर समृद्धि से जुड़ा हुआ है। लोक विश्वास है कि दीपावली की पूजा के बाद इन्हें अपने घर के आसपास उन स्थानों पर चिडिय़ों के लिए लटका दिया जाता है ताकि वे अपनी पूर्ति इससे करें। इससे लोगों की इच्छाएं पूरी होती है। बाजार में नारियल के साथ-साथ मिठाई और अन्य संबंधित सामाग्रियों ने भी जमकर धूम मचाई। कारोबारी बताते हैं कि वर्ष में यही पर्व ऐसा होता है जिसमें हर तरह के सामानों का अपना महत्व होता है और लोगों का भरपूर सहयोग उन्हें प्राप्त होता है। 0 लोकल आवक होने लगी फूलों की दीपावली पर जिले में फूलों की भारी बिक्री ने कारोबारियों को इस बार भी अच्छे अनुभव दिए। इन सब के बीच हिंदू समाज का सबसे बड़ा पर्व दीपावली कार्तिक मास में मनाया जा रहा है। आयुर्वेद के प्रवर्तक धनवंतरी और धन के देवता कुबेर की पूजा के साथ दीपावली पर्व की शुरुआत हुई। इसके तीसरे दिन दीपावली मनाई जाएगी। पर्व के लिए हर तरफ विशेष तैयारी लोगों की ओर से की गई है। दीपावली के लिहाज से कोरबा में बड़ी मात्रा में गेंदा और अन्य प्रजातियों के फूलों की बिक्री तेज हो गई है। कारोबारी ने बताया कि कोलकाता के अलावा छत्तीसगढ़ से भी फूलों की आवक हो रही है और इसके माध्यम से लोगों को आपूर्ति की जा रही है। पूजा पाठ के साथ विभिन्न प्रकार के सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रम के लिए फूलों का उपयोग किया जाता है। इस व्यवसाय के माध्यम से कारोबारी और उनके साथ काम करने वाले सहयोगियों की जीविका सुनिश्चित हो रही है।

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