
नईदिल्ली, १५ जनवरी । दिल्ली अपराध शाखा ने दुकानदार का अपहरण करने के मामले में 24 साल से फरार दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित भाई हैं। इन्हें न्यायालय ने भगौड़ा घोषित किया था।विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि आरोपितों की पहचान गुरुग्राम निवासी पुनीत अग्रवाल और पीतमपुरा निवासी विनीत अग्रवाल के रूप में हुई है। दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए बार बार अपने ठिकाने बदल रहे थे। इसके बाद न्यायालय द्वारा दोनों को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। 29 जनवरी वर्ष 2000 में दिल्ली कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति श्रीनाथ का किनारी बाजार, चांदनी चौक से अपहरण कर लिया गया है।अगले दिन पीडि़त श्रीनाथ ने थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी कि सुनीत अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल और विनीत अग्रवाल ने उसकी दुकान से उसका अपहरण कर लिया। आरोपितों ने उसे छोडऩे के एवज में फिरौती मांगी। पुलिस को सूचना मिलने के बाद आरोपितों ने पीडि़त को तुगलक रोड पर छोड़ दिया था और फरार हो गए थे।इसको लेकर पुलिस ने अपहरण सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपित सुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय में पेश नहीं होने की वजह से आरोपित पुनीत अग्रवाल और उसके भाई विनीत अग्रवाल को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।अपराध शाखा को सूचना मिली कि दोनों अपने ठिकानों पर छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने पुनीत अग्रवाल को सेक्टर 62, गुरुग्राम और विनीत अग्रवाल को पीतमपुरा से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि आसानी से पैसा कमाने के लिए उन्होंने दुकान मालिक को लूटने की साजिश रची थी। आरोपितों ने उस दुकान के एक कर्मचारी का अपहरण कर दुकान मालिक से 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी थी।आरोपितों ने बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए 10 साल तक मुंबई में छिपे थे। इस दौरान उन्होंने किसी से संपर्क नहीं किया। जब उन्हें लगा कि अब पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकती तो दिल्ली-एनसीआर आ गए। विनीत अग्रवाल बवाना औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक के सामान का व्यापार करता है। पुनीत खारी बावली में ड्राई फ्रूट मार्केट में व्यापारी है।
































