
गायत्री महायज्ञ मैं सैकड़ो लोगों ने किया हवन
चरचा कालरी। शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वधान में अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं समस्त क्षेत्रवासी चरचा कालरी क्षेत्र के सौजन्य से स्थानीय श्रमवीर स्टेडियम में आयोजित 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन यज्ञ मंडप में सैकड़ो महिला पुरुष भक्तजनों ने हवन कर विश्व कल्याण की कामना की महायज्ञ में हरिद्वार से आए हुए आचार्य नरेंद्र विद्यार्थी के द्वारा प्रज्ञा पुराण कथा का वाचन किया जा रहा है उन्होंने चर्चा के दौरान सनातन की व्याख्या करते हुए कहा कि वेद, पुराण और उपनिषद का अध्ययन करते हैं तो उसमें सनातन का मतलब है ,सत्य से सना तन अर्थात भारतीय संस्कृति, हिंदू संस्कृति में जो जीवात्मा धरती पर आती है तो उसका शरीर सत्य से सना हुआ होता है उसमें सत्य प घूला हुआ है जिसका शरीर पवित्र हो , कर्म पवित्र हो ,चिंतन पवित्र हो ,गुण, कर्म, स्वभाव पवित्र हो ,वही सनातन है हमारे देश के लिए सनातन बहुत जरूरी है सनातन जीवित था तो भारतीय संस्कृति विश्व की संस्कृति थी, भारत को जगतगुरु कहा जाता था भारत देश को महाभारत देश के रूप में विकसित करना है तो सनातन संस्कृति के आधार को घर-घर में स्थापित करना होगा हमारा देश हिंदू राष्ट्र है कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटी सीखने के लिए उल्टा सीधा कहते रहते हैं जो की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है भारत देश हिंदू राष्ट्र था, हिंदू राष्ट्र है ,और हिंदू राष्ट्र रहेगा, सनातन संस्कृति के दो आधार हैं ,एक है ,गायत्री और दूसरा है यज्ञ ,यज्ञ का मतलब सदकर्म और गायत्री का मतलब सद्बुद्धि ,, सदकर्म और सद्बुद्धि का मिलन होता है तो भक्ति का जागरण होता है और जब व्यक्ति इन दोनों को आधार बनाकर कार्यकर्ता है तो वह कहीं भी कार्य को सिद्ध कर सकता है यज्ञ एक सार्वभौमिक क्रिया है और यज्ञ से व्यक्ति को व्यक्तिगत लाभ होता है साथ ही वातावरण के परीशोधन, परिमार्जन में एवं सूक्ष्म जगत के परिमार्जन में बहुत लाभ मिलता है अभी जैसे वर्तमान की ज्वलंत समस्या वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण,मिट्टी का प्रदूषण, वैचारिक प्रदूषण आदि हैं वैज्ञानिकों ने माना है कि इन प्रदूषणों को दूर करने का अचूक उपाय यज्ञ है प्राचीन काल में हमारे ऋषि मुनियों ने निरंतर यज्ञ की महत्ता बताई है। विदित हो की कई वर्षों के अंतराल के पश्चात गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है इस आयोजन को लेकर स्थानीय नागरिकों में बेहद उत्सुकता थी वर्तमान में पूरा पालिका क्षेत्र भक्ति भाव से ओत-प्रोत है चिरमिरी महेंद्रगढ़, सूरजपुर अंबिकापुर सहित आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु भक्तजन पहुंचकर महायज्ञ में भाग ले रहे हैं।






















