इंदौर, २३ जून ।
इंदौर और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के अंदर महिला के शव के टुकड़े मिलने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने महिला की पहचान रतलाम के बिलपांक निवासी मीराबेन के रूप में की थी।
पुलिस ने तीन में से एक संदेही कमलेश को उज्जैन से हिरासत में लिया है, वह साइको बताया जा रहा है। इससे मीराबेन की मुलाकात रतलाम में हुई थी। इस मामले में एक महिला को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इंदौर में नागदा-महू पैसेंजर ट्रेन और ऋषिकेश में योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस में महिला के शव के टुकड़े मिले थे। महिला के हाथ पर मीराबेन और गोपालभाई नाम का टैटू गुदा मिला था।घटना में यह भी आशंका जताई गई थी कि दोनों ट्रेनें एक ही समय में उज्जैन में रुकी थी, यहीं शवों के टुकड़ों को इनमें रखा गया। पुलिस ने महिला के हाथ पर गुदे टैटू मीराबेन से जांच शुरू की। इस दौरान आस-पास के जिलों में गुम महिलाओं की जानकारी पता करवाई गई। इसमें रतलाम जिले के बिलपांक से गुम हुई महिला का नाम मीराबेन मिला। पुलिस ने महिला के परिजनों को बुलाकर टैटू और कपड़े बताए, जिसके बाद उन्होंने उसे पहचान लिया।
वह मानसिक रूप से बीमार थी। उसकी बेटियों ने इसकी पुष्टि की। वह पति से झगड़ा कर राशन लेने निकली थी। पति ने गुमशुदगी भी दर्ज करवाई थी।पुलिस इस मामले में अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की हत्या किसने की। अभी तक हुई जांच में यह तो साफ है कि हत्या के बाद लाश के टुकड़े किए गए हैं। इसके बाद इन्हें ठिकाने लगाने के लिए ट्रेन के अंदर रख दिया गया।