
रूद्रपुर, १० दिसम्बर । धनराशि दोगुनी करने का लालच देकर पहले सीतापुर (उप्र) के चार लोगों को रुद्रपुर बुलाया गया। जहां उनसे दो लाख रुपये लेकर चार लाख के नकली नोट थमा दिए गए। जब वे जाने लगे तो आरोपितों ने पुलिसकर्मी और एक पीआरडी जवान की मदद से पूरी रकम छीन ली।मिलीभगत का पता चलते ही पीडि़तों की शिकायत पर पुलिस ने गिरोह में शामिल पीआरडी जवान समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाने में तैनात कांस्टेबल और गिरोह का सरगना भाग निकला। एक अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता की भी जांच पुलिस कर रही है।एसएसपी मंजूनाथ टीसी के अनुसार सीतापुर (उप्र) के ग्राम सेखवापुर निवासी इंद्रसेन वर्मा ने बताया कि मोहम्मद हंजला उनके ही गांव में रहता है। वे लोग आसपास के गांवों में फेरी लगाने का काम करते हैं। आठ दिसंबर को इटारी तालगांव सीतापुर निवासी जिशान ने फोन कर कहा कि रुद्रपुर और नैनीताल में बहुत ठंड है। वहां पर वे लोग कंबल बेच सकते हैं। साथ ही रुद्रपुर में रहने वाले विकास उर्फ लियाकत उर्फ पिंटू और कुछ अन्य लोग हैं, जो 500 रुपये के बदले में एक हजार रुपये के हाई क्वालिटी नकली नोट देते हैं। वे लोग जितने भी रुपये लगाएंगे, उसके बदले में दोगुना कर लौटाए जाएंगे। लालच में आकर वह दोनों एक लाख रुपये लेकर जिशान, अंकित, शिवम के साथ रुद्रपुर आ गए। जिशान उन्हें पप्पू ढाबे पर ले गया और वहां वे लोग पिंटू के आने का इंतजार करने लगे।इंद्रसेन के मुताबिक दोगुना रुपये के लालच में आकर अंकित, शिवम ने भी एक लाख रुपये दिए। कुल दो लाख रुपये उन्होंने पिंटू और उसके साथी छिंदर को दे दिए। रुपये देने के बाद उन्हें दोगुनी धनराशि दे भी दी। जब वे लोग कुछ दूरी पर गए तो स्कूटी सवार एक व्यक्ति के साथ पुलिस की वर्दी में एक युवक आया। उन्होंने उन्हें रोक लिया और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। इस पर पुलिस ने जिशान, विकास उर्फ लियाकत व रास्ते में रुपयों का बैग छीनने वाले उनके साथी वीरेंद्र, सुरेंद्र पर केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।एसएसपी ने बताया कि शनिवार को काशीपुर रोड रुद्रपुर से पीआरडी जवान बिंदुखेड़ा(ऊधमसिंह नगर) निवासी वीरेंद्र सिंह, ग्राम इटारी तालगांव सीतापुर (उप्र) निवासी जिशान अहमद और ग्राम धौरा डैम नजीमाबाद किच्छा निवासी छिंदर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक-एक मोबाइल और 50-50 हजार की धनराशि बरामद हुई।पूछताछ में तीनों ने बताया कि नकली नोट बेचने के नाम पर लोगों से ठगी करने में बिंदुखेड़ा निवासी और हल्द्वानी बनभूलपुरा थाने में तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र और गिरोह का मास्टरमाइंड धौरा डैम किच्छा निवासी विकास उर्फ लियाकत उर्फ पिंटू भी शामिल है। उन्हीं के साथ पूरी योजना बनाई गई थी। इसके लिए गिरोह में शामिल हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी।



























