
कोरबा । प्रधानमंत्री गति शक्ति प्रोजेक्ट के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में एसईसीएल द्वारा विकसित किए जा रहे रेल कॉरीडोर परियोजनाओं के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रायगढ़ के धर्मजयगढ़ -कोरबा विकसित किए जा रहे छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड द्वितीय चरण के लिए 28 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पब्लिक सेक्टर बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया व कॉरीडोर के प्रमोटरों के मध्य टर्मलोन डाक्यूमेंट पर हस्ताक्षर किए गए, इससे परियोजना को लगभग 1349 करोड़ रूपये की वित्तीय ऋण की स्वीकृति हासिल हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, इरकॉन तथा छत्तीसगढ़ राज्य का संयुक्त उद्यम है जिसमें सर्वाधिक 64 प्रतिशत हिस्सेदारी एसईसीएल की है। यह भारत-सरकार द्वारा चिन्हित स्पेशल रेलवे प्रोजेक्ट में शामिल है। यह परियोजना दो चरणों में कार्यान्वित की जा रही है जिसका चरण एक अधिकांशत: शुरू कर दिया गया है तथा इसके जरिए रायगढ़ अंचल के मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स से कोयले के डिस्पैच में सहूलियत हो रही है।सीईआरएल के द्वितीय चरण में धर्मजयगढ़ से कोरबा को 62.5 किलोमीटर लम्बे रेलवे लाईन से जोड़ा जाएगा। इससे सीईआएल फेस-1 के तहत विकसित किए गए खरसिया-धर्मजयगढ़ लाईन तथा सीईडब्ल्यूआरएल के अंतर्गत विकसित किए जा रहे गेवरा-पेन्ड्रा रोड लाईन को जोड़ा जा सकेगा। इस रेल लाईन से देश के उत्तरी हिस्सों में कोयले के प्रेषण के लिए वैकल्पिक रेल रूट की सुविधा मिल सकेगी। यह खरसिया-पेन्ड्रा के बीच लिंक का काम करेगा।





















