
कोरबा। जिले में आतंक का पर्याय बना खतरनाक लोनर हाथी अब धीरे-धीरे धरमजयगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके आज रात या कल सुबह तक कोरबा जिले के जंगल को पार कर धरमजयगढ़ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। वनमंडल कोरबा के उप मंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी ने बताया कि लोनर हाथी कोरबा व पसरखेत वन परिक्षेत्र की सीमा को पार कर कुदमुरा रेंज में पहुंच गया है। लोनर का आखिरी लोकेशन आज सुबह यहां के जंगल के कक्ष क्रमांक 1124 व 1131 के बीच मिला है जो काफी घना जंगल है। लोनर हाथी दिन-रात चल रहा है जिससे इसके जिले की जंगल को पार कर शीघ्र ही पुन: धरमजयगढ़ क्षेत्र में जाने व अपने दल में मिलने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि वन विभाग अभी भी लोनर की गहन मॉनिटरिंग में लगा हुआ है। लोनर हाथी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और वन विभाग का अमला पीछे-पीछे चलकर उसकी मॉनिटरिंग में जुटा हुआ है। लोनर के धरमजयगढ़ क्षेत्र में पहुंचने तक मॉनिटरिंग जारी रहेगी। इस दौरान वन विभाग का प्रयास होगा कि लोनर घने जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में न पहुंचने पाए। हालांकि घने जंगल में पहुंचने के बाद इसकी संभावना काफी क्षीण है। ज्ञात रहे लोनर हाथी लगभग डेढ़ माह पूर्व दल से बिछडक़र धरमजयगढ़ क्षेत्र से कोरबा जिले में प्रवेश किया था और पहले कुदमुरा फिर करतला के जंगल होते हुए जांजगीर-चांपा जिला के पंतोरा स्थित छाता जंगल पहुंच गया था। यहां लगभग एक सप्ताह विचरण करने के बाद कोरबा के कोयलांचल क्षेत्र में पहुंच गया था और रलिया व खैरभावना में तीन महिलाओं पर हमला कर वन विभाग द्वारा खदेड़े जाने पर पुन: छाता जंगल लौट गया था, जहां लोनर के बढ़ते उत्पात को देखते हुए उस पर नियंत्रण के लिए वन विभाग द्वारा प्रशिक्षित हाथी की सेवाएं ली गई लेकिन वह असफल होकर वापस लौट गया। जब-जब कुनकी को जंगल में उतारा जाता था उसका सामना होते ही लोनर डरकर जंगल में छिप जाता था। काफी दिनों तक लोनर का लोकेशन नहीं मिलने पर कुमकी हाथी को लेकर महावह वापस चले गए थे। कुमकी के वापस लौटने के 4-5 दिनों के पश्चात् पुन: जंगल से निकला और बलौदा-सीपत होते हुए बिलासपुर जिले के सोठी जंगल पहुंच गया था। वहां दो-तीन दिनों तक डेरा जमाने के बाद पुन: कोरबा जिले में प्रवेश किया और पाली वन परिक्षेत्र के जंगल होते हुए चैतमा पहुंच गया जहां रात्रि में मुख्य मार्ग से गुजर रहे एक ग्रामीण को पटककर मार डाला। चैतमा वन परिक्षेत्र में घटना को अंजाम देने के बाद जटगा व एतमानगर के जंगल से होते हुए कोरबा वनमंडल के बालको वन परिक्षेत्र पहुंचा और वहां बाघमारा में एक महिला की जान ले ली। बालको वन परिक्षेत्र में तीन दिनों तक विचरण करने के बाद वह पतरापाली होते हुए पहले पसरखेत फिर कोरबा वन परिक्षेत्र के जंगल होते हुए बीती रात कुदमुरा वन परिक्षेत्र में पहुंच गया है। लोनर के अब वापस लौटने व अपने दल में मिलने की संभावना है।
सीसीएफ ने किया दौरा
इस बीच सीसीएफ वाइल्ड लाइफ बिलासपुर सर्किल ने लोनर हाथी की मौजूदगी वाले कुदमुरा जंगल का दौरा किया और लोनर के संबंध में जानकारी लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दौरे के दौरान एसडीओ द्वय आशीष खेलवार, सूर्यकांत सोनी के अलावा प्रशिक्षु आईएफएस चंद्रकुमार अग्रवाल, कुदमुरा रेंजर बुटुकसाय पैकरा व वन विभाग के अन्य अधिकारी साथ रहे।






















