नगरी निकाय चुनाव में बढ़-चढक़र भाग लिए मतदाता

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर चांपा जिले में कुल 11 नगर पालिका एवं नगर पंचायत के चुनाव में मतदाताओं ने सुबह 8 बजे से मतदान करने के लिए पंक्ति में नजर आए जहां लोकतंत्र के इस महा पर्व में केवल युवा वर्ग ही नहीं बल्कि वयोवृद्ध जन भी इस चुनाव में अपने मतदान का खुलकर प्रयोग किए हैं । इससे जिले का मतदान काफी अच्छा रहा है और मतदान का भी प्रतिशत लगभग 73 प्रतिशत के करीब जा पहुंचा है। जांजगीर चांपा जिले में तीन नगर पालिका परिषद है जिसमें चांपा,जांजगीर नैला एवं अकलतरा है वही नगर पंचायत में बलौदा नरियरा,पामगढ़, राहौद, खरौद,नवागढ़, सारागांव, शिवरीनारायण, मैं भी मतदाताओं ने खुलकर मतदान करने घर से निकले। इन पूरे 11 नगर पालिका एवं नगर पंचायत के 192 वार्डों में लगभग दो से अधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में है।कहानी-कहानी तो पांच तक जा पहुंचा है। जिला मुख्यालय जांजगीर के बोंगापार,गट्टानी स्कूल,नवीन स्कूल,सदर स्कूल ,आत्मानंद हाई स्कूल में मतदान शांतिपूर्ण रहा है वही चांपा के सभी मतदान केदो में मतदान की प्रक्रिया जोरो से चलते रहा है।कहीं वाद विवाद की स्थिति थोड़ी बहुत नजर आई वही बड़े हादसे होने से टाल गए।पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए,जहां पुलिस बल की तैनाती के अलावा नगर में पेट्रोलिंग गाडिय़ां विशेष कर मतदान केन्द्रों के आसपास ही घूमते रही है इसके अलावा जिले के तमाम नगर पंचायत नगर पालिकाओं में पुलिस विभाग की उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी करने के लिए पेट्रोलिंग की जाती रही है। ताकि किसी भी वारदात को हैंडल किया जा सके । नतीजा यह रहा कि नगरी निकाय के इस चुनाव में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। वैसे तो प्रत्येक प्रत्याशी जीतने के लिए चुनाव मैदान में है किंतु जिले के अधिकतर नगर पंचायत एवं नगर पालिकाओं में मतदाताओं की चांदी हो गई है जो अपने मत का प्रयोग करने के बदले में अपने प्रत्याशी से खुलकर लाभ लिए हैं अधिकतर वार्डों में भाजपा एवं कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी खुलकर कपड़े,दारू,बर्तन एवं रुपए बांटते नजर आए हैं ताकि उनकी जीत सुनिश्चित हो सके,किस वार्ड में कौन जीतेगा यह तो समय पर ही पता चलेगा किंतु जिस तरीके से इस चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को प्रलोभन दिया गया है और उन्हें सामग्री वितरण की गई इससे यह चुनाव भारी महंगा हो गया है नतीजा यह है कि मतदाताओं की चांदी हो गई है और प्रत्याशी अपना वजूद बचाने के लिए सब कुछ न्योछावर करते नजर आए हैं।
देखा यह गया कि प्रत्येक मतदान केंद्र के सामने स्वयं प्रत्याशी एवं उनके लोग मतदाताओं से खुद के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रलोभन देते रहे हैं। अनेक स्थान पर मतदान केंद्र के सामने प्रत्याशियों द्वारा रुपए भी बांटे गए हैं। जिसे देखकर लोकतंत्र पर तमाचे मारने जैसी बातें कही जा सकती है।

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