
नईदिल्ली, 0६ नवंबर । सुप्रीम कोर्ट असम के अवैध प्रवासियों से संबंधित नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब पांच दिसंबर को सुनवाई करेगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए को चुनौती देने वाले मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसे 1985 में असम समझौते को आगे बढ़ाने में एक संशोधन द्वारा जोड़ा गया था। असम समझौता भारत सरकार के प्रतिनिधियों और असम आंदोलन के नेताओं के बीच हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन था। 15 अगस्त 1985 को नई दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उपस्थिति में इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस मामले में कल यानी सात नवंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन याचिकाकर्ताओं की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की सुनवाई टालने की मांग की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। मेहता ने अदालत से कहा, कल जो मामला सुनवाई के लिए आने वाला है वह नागरिकता संशोधन कानून से जुड़ा हुआ है। दिवाली से पहले यह अंतिम कार्य सप्ताह है और हमें कुछ समय चाहिए। इसलिए अगर मामले को थोड़े समय के लिए टाला जा सकता है तो सही रहेगा।





















