
बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की आमगांव ओपनकास्ट परियोजना के लिए पटना गांव के कृषकों की अधिग्रहित भूमि के बदले पात्र भूस्वामियों अथवा उनके आश्रितों को 28 सितंबर तक नौकरी नहीं दिए जाने पर प्रभावित भूस्वामियों व ग्रामीणों ने 29 सितंबर को खदान में कोयला उत्खनन व परिवहन रोक कर खदान के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का अल्टीमेट एसईसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधन को दिया है। एसईसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधन को दिए गए अल्टीमेटम में खान प्रभावित ग्राम पंचायत पटना के दर्जनों ग्रामीणों व प्रभावित भूस्वामियों ने दस्तखत किए हैं। ज्ञापन में अधिग्रहित भूमि के भू स्वामियों को नौकरी दिए जाने में हीला हवाला किए जाने का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र की आमगांव ओपन कास्ट परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले 464 लोगों को नौकरी दी जानी है, लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा अभी तक मात्र 37 लोगों को नौकरी प्रदान की गई है। आरोप लगाया गया है कि एसईसीएल प्रबंधन की लालफीताशाही के कारण समस्त दस्तावेज पूर्ण किए जाने के बावजूद 427 प्रभावित ग्रामीणों को लंबे समय से नौकरी के लिए एसईसीएल के क्षेत्रीय कार्यालय एवं जिला प्रशासन के कार्यालय में टक्कर काटना पड़ रहा है। प्रभावित भू स्वामियों का आरोप है कि नौकरी देने में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा टाल मटोल का रवैया अपनाया जा रहा है। जिसकी वजह से भूस्वामियों के समक्ष परिवार के जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि हमारे मकान एवं परिसंपत्ति के मुआवजा राशि का निर्धारण दो वर्ष पूर्व हो जाने के बाद भी आज पर्यंत उन्हें मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि 28 सितंबर तक नौकरी एवं मुआवजा के लंबित प्रकरणों पर निर्णय लेते हुए नियुक्ति आदेश एवं मुआवजा राशि का वितरण नहीं होने की स्थिति में ग्रामीणों के साथ मिलकर भूस्वामी 29 सितंबर को आमगांव खदान में कोयला उत्खनन एवं परिवहन रोककर खदान के गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।


















