
कोरबा । कोरबा जिले सहित पूरे प्रदेश में पटवारी अपनी मांगों को लेकर 16 दिसंबर से ऑनलाइन कामों को बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑनलाइन वर्क बंद होने से राजस्व संबंधी जितने भी काम हैं, जैसे नामांतरण, बंटवारा, डिजिटल साइन, ऋण प्रतिवेदन, पुस्तिका में सुधार जैसे कार्य पूर्णत: बंद हैं। जानकारी के अनुसार सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप से भी पटवारी लेफ्ट हो रहे हैं। पटवारियों के ऑनलाइन कार्यों को बहिष्कार करने से रजिस्ट्री के काम में भी प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले चौहद्दी के साथ ही उस क्षेत्र के पटवारी का डिजिटल साइन बी-1, पी-2 में होना अनिवार्य होता है। इसके बिना रजिस्ट्री भी प्रभावित रहती है।
ऐसे में पटवारियों के हड़ताल से राजस्व सहित आर्थिक रूप से रजिस्ट्री के कामों में भी समस्या उत्पन्न हो रही है। राजस्व संबंधित कार्य लेकर तहसील और हल्का पटवारी के पास पहुंचने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। आरोप लगाते हुए बताया जा रहा हैं की राजस्व विभाग के पटवारी पिछले 6 महीने से पटवारी कार्यालय में तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन शासन उनके मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। अब पटवारी कार्य पर तो आ रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन संबंधित कार्य नहीं कर रहे हैं। विरोध में सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों और प्रशिक्षण का बहिष्कार कर विरोध जता रहे हैं। उल्लेखनीय हैं की वर्तमान में राजस्व संबंधी सभी कार्यों को भुइंया पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया गया है, इसके अलावा अधिकतर कार्य जैसे कृषि संगणना, फसल कटाई प्रयोग भी ऑनलाइन मोबाइल एप अथवा कंप्यूटर के माध्यम से करना होता है। ऐसे में किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
































