पर्यावरणीय संतुलन के लिए होंगी कोशिश 34 हेक्टेयर में 40 हजार पौधे रोपने की तैयारी


अलग-अलग प्रजाति के पौधे किये गए तैयार

कोरबा। धरती पर अलग-अलग तरह से पड़ रहे मौसम के प्रभाव के कारण पर्यावरण का खतरा गंभीर हो रहा है और इसका सीधा असर जलजीवन पर पड़ रहा है। आगजनी से लेकर जलस्त्रोतों के खिसकने के साथ-साथ आपदा में लोगों सहित पशु-पक्षियों की मौत की घटनाओं ने सरकार ही नहीं बल्कि इस क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिकों को हैरान किया है। इसलिए हर कहीं पर्यावरणीय संतुलन की स्थिति को निर्मित करने न केवल चिंता की जा रही है बल्कि काम करने पर जोर दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इसी दिशा में प्रयास होना है। इस वर्ष 34 हेक्टेयर क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट में बदलने पर काम किया जाएगा। यह प्रारंभिक प्रोजेक्ट है।
वनमंडल कोरबा के अंतर्गत इस काम को किया जाना है। इसके लिए पूर्व से ही योजना बना ली गई है और उक्तानुसार तैयारियां की जा रही है। वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी उत्तर आशीष खेलवार ने बताया कि प्रारंभिक चरण में जो काम होना है उसके लिए 40 हजार पौधों को लगाने का लक्ष्य 34 हेक्टेयर क्षेत्र में इस काम को किया जाएगा। छायादार-फलदार और व्यवसायिक प्रजाति के पौधों का रोपण यहां पर किया जाना है। आवश्यकता के आधार पर विभाग और भी कुछ प्रस्ताव उपर भेज सकता है। वहां से स्वीकृति मिलने पर इस तरफ अगली कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की कोशिश यही है कि अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहतर काम किया जाए। पौधारोपण के साथ-साथ पहले की तरह इस बार भी आम लोगों को इस काम से जोडऩे और प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क पौधे दिए जाएंगे। संस्थाओं को भी इसमें जोड़ा जा रहा है। लोगों को तौर-तरीके बताए जाएंगे कि पौधों का रोपण किस तरीके से करना है और उनकी देखभार किस प्रकार से सुनिश्चित हो सकेगी। वन विभाग के अलावा जिले के सार्वजनिक उपक्रम वन विकास निगम के जरिए चिन्हित स्थानों पर सघन वनीकरण के लिए काम करेंगी। प्रतिवर्ष उनका दायरा बढ़ रहा है।

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