
निर्माण कार्य में शासकीय मानकों को किया दरकिनार
चरचा कॉलरी। नगर पालिका शिवपुर-चरचा क्षेत्र में फिल्टर प्लांट से छठ घाट तक पाइपलाइन विस्तार कार्य तथा विभिन्न कॉलोनियों में जल आपूर्ति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छठ घाट में ओवरहेड टंकी निर्माण एवं पाइपलाइन बिछाने का लगभग 1 करोड़ 85 लाख रुपये का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्य का ठेका रायपुर की कंपनी बालाजी कंस्ट्रक्शन को दिया गया है।परंतु प्रारंभिक चरण से ही इस कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, निर्धारित मानकों के विपरीत अत्यंत कम गहराई के गड्ढे खोदकर पाइपलाइन डाली जा रही है। जबकि गड्ढे की गहराई एक से डेढ़ मीटर तक होनी चाहिए, पाइप डालने के बाद मिट्टी भरकर उसे बिना समुचित दबाव (कम्पैक्शन) के यूँ ही छोड़ दिया जा रहा है। कई स्थानों पर न तो उचित समतलीकरण किया गया और न ही पूर्ववत स्थिति के अनुरूप कंक्रीट अथवा डामरीकरण का कार्य किया गया है। स्थानीय कॉलोनियों में जगह-जगह गड्ढे खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई है, परंतु उसके ऊपर मिट्टी और पत्थर बेतरतीब तरीके से फैला दिए गए हैं। परिणामस्वरूप राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर स्कूल मार्ग और सडक़ों पर आवागमन का दबाव अधिक होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बच्चे इन उबड़-खाबड़ स्थानों पर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। पाइपलाइन बिछाने के साथ ही तत्काल कंक्रीट या डामर से मरम्मत की जानी चाहिए थी, किंतु ऐसा नहीं किया जा रहा है।कुछ दिनों पूर्व स्वामी आत्मानंद स्कूल के सामने भी पाइपलाइन बिछाई गई थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद वहाँ कंक्रीट का कार्य तो किया गया, किंतु वह भी अत्यंत निम्नस्तरीय बताया जा रहा है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर और अधिक संदेह गहरा गया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पूरे मामले की जानकारी जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को है, इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि ठेका कंपनी यह मानकर कार्य कर रही है कि यहाँ के नागरिक जागरूक नहीं हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।स्थानीय सामाजिक संगठन एवं व्यापारिक संगठन चरचा बचाव मंच ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि जब तक पहले से खोदे गए गड्ढों का समुचित समतलीकरण और कंक्रीटीकरण नहीं हो जाता, तब तक आगे पाइपलाइन बिछाने का कार्य रोका जाए। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि कार्य होना चाहिए, किंतु सुनियोजित एवं मानकों के अनुरूप। गुणवत्ता व मानक की जांच के पूर्व ठेकेदार को किसी प्रकार का भुगतान न किया जाए। जनता का कहना है कि यह कार्य जनता के टैक्स और शासन की निधि से किया जा रहा है। ऐसे में यदि गुणवत्ता से समझौता किया गया तो यह सीधे-सीधे जनधन का दुरुपयोग होगा। नगर पालिका शिवपुर-चरचा के जिम्मेदार अधिकारियों एवं पदाधिकारियों से अपेक्षा है कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण कर मानकविहीन कार्य पर रोक लगाएं, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें तथा सडक़ों का शीघ्र समतलीकरण एवं कंक्रीटीकरण सुनिश्चित कराएं, ताकि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो।जनहित में यह मुद्दा अत्यंत गंभीर है — अब देखना यह है कि पालिका प्रशासन कब ठोस कार्रवाई करता है।



























