
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं साइबर सेल की मिली भगत की चर्चा जोरो पर
सीताराम नायक
जहांगीर चांपा । जिले का बलौदा विकासखंड का छाता जंगल जुआरियों के लिए एक सुरक्षित स्थान हो गया है जहां दूर दराज से लोग जुआ खेलने आते हैं और लाखों का दांव लगाकर जीत कर ले जाते हैं ।
यह कार्य बलौदा पुलिस के संरक्षण में संचालित हो रहा है जहां जुआ खेलाने वाले लोग पुलिस थाना ही नहीं बल्कि साइबर सेल एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर इसे व्यावसायिक रूप से चल रहे हैं। इस जुए के संचालन से क्षेत्र के युवा वर्ग बर्बाद हो रहे हैं जिसे नहीं रोकने से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार इसकी संख्या बढ़ती जा रही है इतना ही नहीं बल्कि किसी-किसी दिन तो इनकी संख्या अधिक होने के कारण दो-दो फड़ लगते हैं और इसमें खुले तौर पर जुवाड़ी मोटी रकम का दांव लगा रहे हैं। यह कार्य जहां जुआ खेलने वालों के लिए नुकसान का है तो वहीं इसे खेलवाले वाले लोगों को रोजाना लाखों रुपए का लाभ हो रहा है जिसके चक्कर में आकर किसान, युवा वर्ग, लोग लगातार आर्थिक रूप से कंगाल हो रहे हैं। जुआ खिलाने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं जिसका काफी बड़ा हिस्सा पुलिस विभाग को जाता है यह कहां जाने लगा है। यहां जुआ खेलने के लिए कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, बलौदा बाजार जिले सहित जांजगीर-चांपा जिले के जुआरी बहुतायत संख्या में एकत्र होते हैं जो आसपास के गांव में वाहन खड़ी कर छाता जंगल के बीच में जाकर जुआ खेलते हैं। बलौदा पुलिस भी इस मामले में पूरी तरह से संलिप्त होने के कारण इसे रोकने के बजाय संरक्षण प्रदान करने में लगी है जहां पदस्थ थानेदार से लेकर सिपाही तक के लोगों को जुआ खिलाने वाले व्यक्तियों द्वारा आर्थिक रूप से चढ़ावा चढ़ाया जाता है ताकि उनके कार्य में कोई दखल ना दे सके। यही बातें जिले में संचालित साइबर सेल के विषय में भी कहा जा रहा है जहां सब कुछ जानने के बाद भी साइबर सेल के कर्मचारियों द्वारा भी जुए को ट्रेस नहीं किया जा रहा है। अगर इन अधिकारियों की एवं पुलिस विभाग के लोगो का संरक्षण इन्हें नहीं होता तो । वे चाह कर भी एक दिन इस क्षेत्र में इस गैर कानूनी कार्य को नहीं कर सकते । परंतु पुलिस विभाग की मिली भगत ने इस क्षेत्र में जुआ खेलने के कार्य को व्यावसायिक रूप दे दिया है जहां जुआ खिलाने वाले लोग दूर दराज के जुआरियो को बुलाकर छाता जंगल में जुआ खिलाते हैं इन्हें समय पर यदि नहीं पकड़ा गया तो आने वाले समय में यह क्षेत्र आर्थिक रूप से कंगाल हो सकती है जिसे रोकना अति आवश्यक है नहीं तो बच्चे, युवा एवं नौजवान, किसान इस अनैतिक कार्य के चक्कर में बर्बाद हो जाएंगे।
























