
कोरबा। ऊर्जा के सबसे बड़े श्रोत भगवान भुवन भास्कर को समर्पित सूर्य षष्ठी छठ पूजा के लिए औद्योगिक जिले में तैयारी का दौर शुरू हो गया है। प्राथमिक कड़ी में इस काम को किया जा रहा है ताकि पर्व तक इसे अंतिम रूप दिया जा सके।
कोरबा के साथ-साथ कटघोरा, दीपका, बांकीमोंगरा, कुसमुंडा, दर्री, जमनीपाली, बालकोनगर, रजगामार क्षेत्र में छठ पूजा का विशेष नजारा रहता है। कोलफील्ड्स से लेकर एनटीपीसी, सीएसईबी, आईओसी समेत अनेक उद्योगों और व्यवसाय में पूर्वांचल के लोगों की भागीदारी है जो मुख्य रूप से इस पर्व को करते हैं। छठ पूजा पिछले कई दशकों से इलाके में मनाई जा रही है और इसे देखते हुए स्थायी घाटों की सुविधा दी गई है। समय के साथ पूजा करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी के कारण और भी स्तर पर अधोसंरचना का विकास नगर निगम के अलावा अन्य संस्थाओं की ओर से किया गया है। इस बार 17 नवंबर से छठ पूजा शुरू हो रही है। 18 को नहाय-खाय के अगले दिवस पूजार्थी अस्त होते हुए सूर्य को प्रथम अघ्र्य देंगे जबकि 20 नवंबर को उदित होते सूर्य की उपासना के साथ यह पर्व पूर्ण होगा। पूजा करने वाले लोगों के अलावा घाटों पर बड़ी संख्या में दर्शनार्थी भी उपस्थित होते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए ढेंगुरनाला, सर्वमंगला, कैलाश विहार, राम मंदिर बालकोनगर, सर्वेश्वर मंदिर, प्रेमनगर, प्रगति नगर, राधासागर जैसे प्रमुख घाटों पर विशेष साफ-सफाई कराई जा रही है। पूर्वांचल समाज के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और नगरीय निकाय विभाग इस काम में संसाधन के साथ जुट रहा है। तुलसीनगर नहर पार में पूर्वांचल समिति के द्वारा व्रत करने वाली महिलाओं का सम्मान करने की योजना भी बनाई गई है।



























