पूर्व डीपीएम को लेकर हुई शिकायत, स्वास्थ मिशन संचालक ने जांच का दिया निर्देश

कोरिया/बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश सचिव मनप्रीत सिंह साहनी ने स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक को पत्र लिखकर डीपीएम के पद से हटाए गए प्रिंस जायसवाल के खिलाफ शिकायत की है। शिकायत के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को 7 दिवस के अंदर जांच कर जांच प्रतिवेदन भेजने के निर्देश जारी किए है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश सचिव मनप्रीत सिंह साहनी ने अपनी शिकायत में बताया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कोरिया जिले में जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर आपसी साठगांठ कर अधिकारी के द्वारा बिना आदेश के काम कराया जा रहा एवं पद का दुरूपयोग किया जा रहा, उन्होंने आगे लिखा है कि राज्य शासन के आदेश के तहत् मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर में आदेश के तहत् प्रभारी डी0पी0एम0 ने पद ग्रहण किया गया लेकिन बैकुन्ठपुर में प्रभारी डी. पी. एम. को पद ग्रहण नही कराया जा रहा है , साथ ही ज्वाईन नही करने को लेकर अब तक कोई कार्यवाही नही हुई इसके पीछे पूर्व जिला सलाहकार के द्वारा अपने रसूख के बल पर राज्य सरकार एवं जिला अधिकारियों की मिली भगत है। जिसके कारण प्रभारी डी.पी.एम. को पद ग्रहण नहीं कराया जा रहा है और संविदा कर्मचारी हो कर राकेश वर्मा के ऊपर आज दिनांक तक पद ग्रहण न करने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हो पा रही है। गौरतलब है कि आदेश जारी होने के बाद भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की मिलीभगत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) की राशि को एवं अनियमितता को छुपाया जा रहा है जो कि एक जांच का विषय हैं उन्होंने कोरिया जिले में जांच टीम बैठा कर निष्पक्ष जांच कराने अपने पत्र में लिखा है कि मामले की जांच किये जाने की कार्यवाही कर डी.पी.एम. के पद से स्थानांतरित हुए पूर्व जिला सलाहकार को तत्काल हटाया जाए।
मिशन संचालक ने क्या दिए निर्देश-
कांग्रेस के प्रदेश सचिव मनप्रीत शाहनी की शिकायत के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा है पत्र के उन्होंने लिखा हैं कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कोरिया में जिला कार्यक्रम प्रबंधक के आदेश को दरकिनार करते हुए पद का दुरूपयोग करते हुये पद नहीं छोडऩे की शिकायत छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग रायपुर से पत्र प्राप्त हुआ है।अत: उक्त प्रकरण की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन कार्यालय को सात दिवस के भीतर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। सीएमएचओ है
संविदा कर्मी के अधीन-
शिकायत के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक ने जांच कर जांच प्रतिवेदन के निर्देश तो दिए है पर शिकायत कर्ता का आरोप हैं कि कोरिया में सीएमएचओ एक कदम भी पूर्व डीपीएम के बगैर नही चलते है, कलेक्टर कार्यालय हो या रायपुर कहीं भी आगे आगे पीछे सीएमएचओ को चलते देखा जा सकता है, किसी भी प्रकार का शासकीय पत्राचार सीएमएचओ बिना इजाजत के कुछ नही करते है। यहां तक कि वो अपना चेम्बर छोड़ पूर्व डीपीएम के चेम्बर में बैठकर काम करते देखे जा सकते है। इसलिए निष्पक्ष जांच कर जांच प्रतिवेदन भेजे जाने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। सारे दस्तावेज प्रभारी डीपीएम के पास-शिकायत कर्ता का आरोप हैं कि जनवरी 2023 से अब तक जितनी भी डीएमएफ और एनएचएम में खरीदी हुई है उसकी सारी फ़ाइल पूर्व डीपीएम के ही पास है एनएचएम का वो ही डीपीएम, लेखपाल और बाबू का काम एक ही व्यक्ति कर रहा है यहां की एक भी फ़ाइल किसी को देखने तक नही दिया जा रहा है, जिससे तय है कि अनियमितता की जड़े काफी गहरी है ,जबकि पूर्व डीपीएम को जबतक अन्यत्र हटाया नही जा सकता तब तक निष्पक्ष जांच सभव नही है।
नही दी जा रही आरटीआई में जानकारी-
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी प्रदान नही की जा रही है साथ ही जाच का हवाला देकर जानकारी भी उपलब्ध नही कराया जाता । कई दर्जनों आवेदन राज्य सूचना आयोग के पहुंच चुके है और सुनवाई जारी है। इसके अलावा सिर्फ ये ही एक शिकायत नही है ऐसी कई शिकायतें स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची हुई है जिस पर किसी भी तरह की कार्यवाही नही की का रही है।

RO No. 13467/11