
जांजगीर – चांपा । ग्राम पंचायत पेंड्री में 37 लाख 24 हजार रूपए की लागत से निर्मित मिनी स्टेडियम इन दिनों विवादोमें है। जिला प्रशासन ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन को यह मैदान पांच माह के लिए सौंपा है और संरक्षण शुल्क के रूप में 1 लाख 51 हजार रूपये जमा करने को कहा गया है जिसमें से एक लाख रूपये जमा भी कर दिया गया है। इस दौरान एसोसिएशन द्वारा यहां सलेक्शन ट्रायल एवं अन्य मैच का आयोजन किया जाएगा। इसकी अनुमति उसे दी गई है। दूसरी ओर जाज्वल्यदेव क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन ग्राम पंचायत पेंड्री से अनुमति का हवाला देते हुए स्टेडियम में खेल गतिविधियां संचालित करने का आरोप जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने लगाया है। इससे दोनों एसोसिएशन में तनाव की स्थिति बन गई है। खिलाडिय़ों के सार्वजनिक उपयोग के लिए जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत पेंड्री में मिनी स्टेडियम का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत 37 लाख 24 हजार रूपए की लागत से कराया गया है। इसका उद्घाटन पुरवरी 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चंद्राकर ने किया था। उद्घाटन के कुछ माह बाद इसे पेंड्री के तत्कालीन पंचायत पदाधिकारियों ने जाज्वल्यदेव क्रिकेटवेलफेयर एसोसिएशन को सौंप दिया। तब से नए सरपंच आने के बाद भी इस एसोसिएशन का इस पर कब्जा था। जबकि जिला मुख्यालय और आसपास गांवों के खिलाडिय़ों को यहां खेलने को नहीं मिलता है। क्योंकि इसकी तालाचाबी एसोसिएशन के पदाधिकारी के हाथों में होती है। जिसके कारण इस स्टेडियम का लाभ उन्हीं खिलाडिय़ों को मिल रहा है जिन खिलाडिय़ों ने जाज्वल्यदेव क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन में प्रवेश लिया है। जबकि यह मैदान प्राथमिकता से ग्राम पंचायत पेंड्री के खिलाडिय़ों को खेलने के लिए मिलना चाहिए। इसके अलावा जिले के खिलाडिय़ों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।






























