
कोरबा। चंद्रा समाज के पौडीबहार स्थित भवन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।ऐसे में सनाज के कार्यक्रम के लिए भवन उपलब्ध नही हो पा रहा है। बार-बार की पहल और अनुरोध के बाद भी जब बात नहीं बनी तो यह मामला थाना तक आ पहुंचा। यहां दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद की स्थिति बनी और हंगामा भी हुआ। इस दौरान समाज के लोगों ने थाना प्रभारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने गुस्से का प्रदर्शन किया। सिविल लाइन पुलिस थाना रामपुर में सोमवार की शाम गजब का नजारा देखने को मिला जब यहां बड़ी संख्या में चंद्र समाज के लोग पहुंच गए। नगर पालिका निगम कोरबा के द्वारा इस समाज को पौड़ी बाहर क्षेत्र में भवन बनकर दिया गया है जिसके माध्यम से सामाजिक कार्यक्रम किए जाते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इस भवन पर कमलेश चंद्र और उनके कुछ लोगों का कब्जा हो गया है इसके चलते कई प्रकार की समस्याएं पेश आ रही है और समाज के लोग परेशान है। मामले को लेकर जब विवाद हुआ तो दोनों पक्ष सिविल लाइन पुलिस थाना जा पहुंचे। इस दौरान गालीगलौज से लेकर अप्रिय स्थिति निर्मित हुई। जिन लोगों को पुलिस ने भीतर रखा हुआ था, अन्य लोग उसे बाहर करने को लेकर आवाज बुलंद कर रहे थे। समाज के एक पदाधिकारी अश्वनी चंद्र ने बताया कि मु_ी भर लोगों ने हमारे भवन को कब्जा कर लिया है और अवैध गतिविधियों को चला रहे हैं। अश्विनी चन्द्रा पदाधिकारीचंद्र समाज के केंद्रीय अध्यक्ष राम रतन चंद्र ने बताया कि सामाजिक गतिविधियों के लिए हम लोगों को पौड़ी बाहर में भवन मिला हुआ है जिस पर कुछ दिनों पहले अवैध कब्जा हो गया है और इसके कारण समाज के लोग ही अपने कार्यक्रम नहीं कर पा रहे हैं। हमारी योजना थी कि समाज के कमजोर लोगों को उनकी जरूरत के लिए यहां पर सुविधा दी जाए लेकिन इस दिशा में काम अटका हुआ है।रामरतन चन्द्रा, केंद्रीय अध्यक्ष चन्द्रा समाजरामरतन बताते हैं कि पौड़ी बाहर में हमारे सामाजिक भवन का दुरुपयोग करते हुए यहां फर्जी चिट फंड कंपनी संचालित की जा रही है जबकि इसका पंजीयन रिश्ता बालको में है। केंद्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तीन अवसर पर मीटिंग करने के बाद भी समाज विरोधी लोग अपनी हरकत पर उतारू है और वह भवन को खाली करने के लिए तैयार नहीं है इसलिए विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।सिविल लाइन पुलिस थाना परिसर में हंगामा के बीच कुछ लोगों ने पुलिस के अधिकारी से बातचीत की जिस पर उन्होंने बाहर होने का हमारा दिया और कल इस मसले पर चर्चा करने को कहा। मीडिय को मिली जानकारी में बताया गया है कि भवन पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों ने इससे पहले मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया जिसके वीडियो फुटेज सबूत के तौर पर उपलब्ध है हो सकता है कि पुलिस की जांच के दौरान इनका उपयोग निश्चित रूप से किया जाएगा






















