प्रियांक खरगे को सस्पेंड नहीं कर सकते क्योंकि… ठेकेदार सुसाइड मामले में फंसे राज्य मंत्री के समर्थन में आए डीके शिवकुमार

बेंगलुरू, ३१ दिसम्बर ।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य मंत्री प्रियांक खरगे के इस्तीफे की भाजपा की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी जानती है कि वो ईमानदार हैं।शिवकुमार ने कहा, हम प्रियांक खरगे की ईमानदारी जानते हैं, जांच चल रही है। किसी के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। प्रियांक खडग़े हमारे दलित नेता हैं। यह (मामला सीबीआई को सौंपना) संभव नहीं है। हम जानते हैं कि सीबीआई कैसे काम करती है। हमारी पुलिस और अधिकारी जांच करने में सक्षम हैं। प्रियांक खरगे कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े के बेटे हैं।वह कर्नाटक भाजपा प्रमुख बी वाई विजयेंद्र की टिप्पणी के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीदर के ठेकेदार की कथित आत्महत्या का मामला सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए और प्रियंका खडग़े को इस्तीफा दे देना चाहिए।
शिवकुमार ने कहा, कई नेता और अन्य लोग हमारे साथ तस्वीरें लेते हैं, क्या इसका मतलब यह है कि हमारा उनसे कोई संबंध है। हमारी सरकार साफ-सुथरी है, उनके (भाजपा) पास कुछ भी नहीं है, इसलिए वे इस तरह से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रियांक खरगे हमारी सरकार के मुखर मंत्री हैं, वह एक दलित नेता हैं जो उभर रहे हैं और वह अच्छा काम कर रहे हैं, इसलिए भाजपा उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है। यह सीबीआई का मामला नहीं है, मैंने सीबीआई के बारे में सब पढ़ा है जब उन्होंने मुझे जेल भेजा था, हम जानते हैं कि सीबीआई कैसे काम करती है, हमारी पुलिस और अधिकारी जांच करने में सक्षम हैं।
इससे पहले प्रियांक खडग़े ने बीदर में एक ठेकेदार की आत्महत्या के मामले का कथित तौर पर राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा की कड़ी आलोचना की थी। कर्नाटक में ठेकेदार की आत्महत्या को लेकर विपक्षी भाजपा ने रविवार को मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए आश्चर्य जताया कि क्या संविधान कांग्रेस अध्यक्ष के परिवार पर लागू नहीं होता है। विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि बीदर स्थित सिविल ठेकेदार सचिन पांचाल की आत्महत्या के लिए खरगे के बेटे और राज्य मंत्री प्रियांक खरगे जिम्मेदार हैं। क्या आंबेडकर का संविधान खरगे परिवार पर लागू नहीं होता। भाजपा नेता ने मांग की कि हर किसी को उपदेश देने वाले प्रियांक खरगे को इस्तीफा देना चाहिए और नैतिकता का परिचय देना चाहिए। अशोक ने दावा किया कि ठेकेदार पांचाल की मौत में खरगे के करीबी शामिल थे। पांचाल ने गुरुवार को ट्रेन के सामने लेटकर अपनी जान दे दी थी।
अपने सुसाइड नोट में पांचाल ने अपनी मौत के लिए खरगे के करीबी सहयोगी राजू कपानुरू को जिम्मेदार ठहराया और उन पर पैसों के लिए जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

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