फिर सामने आया मतांतरण का मामला, दंपती की आपबीती सुन पुलिस अफसर हैरान, तीन के खिलाफ लिया एक्शन

मोदीनगर। गाजियाबाद के मोदीनगर में कोतवाली क्षेत्र की विजयनगर कॉलोनी में दंपती पर मतांतरण के लिए दबाव बनाने के मामले में सास, ससुर व जेठ के बेटे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मतांतरण के विरोध पर दंपती से मारपीट का आरोप है। परेशान होकर उन्होंने थाने में शिकायत की थी।वहीं, पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एसीपी की निगरानी में गठित टीम मामले की छानबीन में जुट गई है। विजयनगर कॉलोनी की संगीता के पति अजीत कामगार हैं। घर में सास अशर्फी, ससुर किशनपाल व दो बच्चों के साथ रहते हैं। संगीता के मुताबिक, उनके जेठ के परिवार ने कुछ समय साल पहले ईसाई धर्म में मतांतरण किया था। डेढ़ साल पहले जेठ की मौत हो गई। उसके बाद से ही जेठ का बेटा आशु उनके परिवार पर भी मतांतरण के लिए दबाव बना रहा है। वह नोएडा में रहता है। पिछले कुछ महीने से वह ईसाई धर्म के कुछ लोगों के साथ उनके घर आने लगा। सास व ससुर को झांसे में ले लिया। तीनों तभी से संगीता व अजीत पर मतांतरण के लिए दबाव बनाने लगे। मना करने पर उनका उत्पीडऩ शुरू कर दिया। आए दिन मारपीट की जाने लगी।
मोदीनगर पुलिस ने पिछले साल ही शाहजहांपुर गांव में मतांतरण प्रकरण का पर्दाफाश किया था। हापुड़ के पादरी व उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि 10 लाख रुपये, शादी व अन्य का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म में मतांतरण कराया जा रहा था। वहीं, प्रकरण में विदेशी फंडिंग भी सामने आई थी।
मतांतरण के लिए मोटी रकम विदेश से आरोपित पादरी व उसकी पत्नी के खाते में भेजी जा रही थी। पुलिस की तैयारी उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की भी थी। सुरक्षा एजेंसियों को भी मामले की मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया था। अब फिर से मोदीनगर में मतांतरण का मामला सामने आने से अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई है।
गाजियाबाद में बम्हैटा स्थित सारे होम्स सोसायटी में रविवार को किराये पर क्लब लेने वाले क्रिश्चियन समाज के लोगों ने खाने में मांसाहर व्यंजन बनवा लिए। इसको लेकर सोसायटी के लोगों ने विरोध जताया और सोसायटी के एक एओए सदस्य ने मतांतरण की कोशिश का शक भी जताया। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ जो हंगामे में बदल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष को समझाकर मामला शांत कराया, पुलिस ने मतांतरण कराने की कोशिश की बात से मना किया है।एक एओए सदस्य ने बताया कि वह शाम के वक्त सोसायटी की जिम में जा रहे थे, जिम का रास्ता क्लब के सामने से जाता है। जब वह क्लब के पास पहुंचे तो क्लब के अंदर कुछ लोगों को प्रार्थना सभा करते देखा, उस वक्त क्लब में 30-40 लोग मौजूद थे। उन्होंने कुछ लोगों के नाम पूछे तो उन्होंने अपने हिंदू नाम बताए, जबकि वे खुद को क्रिश्चियन होने का दावा कर रहे थे। उन्होंने खाने के लिए मांसाहार व्यंजन भी बनाया था।इस पर आपत्ति जताते हुए एओए सदस्य ने कार्यक्रम में मतांतरण की कोशिश का शक जाहिर करते हुए सूचना सोसायटी के एओए पदाधिकारियों सहित अन्य लोगों को दी। सोसायटी के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। दूसरे पक्ष ने एओए सदस्य पर गाली गलौज का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दे दी।एसीपी वेवसिटी लिपि नगायच ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला है कि क्रिश्चियन समाज के लोगों ने क्लब में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसके लिए सोसायटी में शुल्क देकर क्लब बुक किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मांसाहार बनाने को लेकर सोसायटी के लोगों से उनका विवाद हो गया। वहीं, मतांतरण की कोशिश कराने जैसा कोई मामला जांच में सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। दूसरे पक्ष के लोग कार्यक्रम खत्म कर सोसायटी से चले गए। इस मामले में किसी भी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।

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