
लखनऊ। सेना का जवाब बनाकर मुस्लिम युवक ने इंस्टाग्राम पर सरोजनीनगर निवासी महिला से दोस्ती की। इसके बाद शादी का झांसा देकर जेवरात व रकम ऐंठ ली। सच्चाई का पता चलने पर पीडि़ता ने स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर राजदेव प्रतापति ने बताया कि जांच में पीडि़ता के आरोप सही पाए गए। जांच के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पीडि़ता ने बताया कि काकोरी इलाके में शादी हुई थी। पति शराब पीकर मारपीट करता था, जिसपर मायके में रहने लगी। इसी दौरान इंस्टाग्राम पर उसकी एक जालसाज से दोस्ती हुई जिसने अपना नाम हार्तिक बैगलो व सेना का जवान बताया था। उसने दोस्ती कर शादी करने की बात कही। उसने कई बार सेना की वर्दी पहनकर फोटो भी भेजी थी। यही नहीं घर पर भी आता था। नजदीकी बढऩे पर परेशानियां सुनाना शुरू किया और पहले उसके जेवर लेकर बेच दिया, इसके बाद पीडि़ता के पास मौजूद करीब तीन लाख से ज्यादा रुपये भी ऐंठ लिए। तभी पीडि़ता के हाथ जालसाज का आधार कार्ड व डीएल लगा तो उसकी सच्चाई का पता चला। उसमें उसका नाम हार्तिक बैगलो नहीं हैदर अली बेग है। सेना का जवान नहीं है। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के बाद आरोपी को जेल भेजा गया।माल पुलिस ने दारोगा व सिपाही से मारपीट कर वर्दी फाडऩे वाले आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा। वहीं, दो महिलाओं सहित परिवार के तीन अन्य लोगों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर माल विनय चतुर्वेदी के मुताबिक धनोरा गांव के महावीर रैदास व आदर्श को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि सोमवार को गांव में ही मारपीट की शिकायत पर जांच के लिए सैदापुर चौकी इंचार्ज प्रिंस बालियान व सिपाही भागेश कुमार पहुंचे थे। इस बीच आरोपी महवीर, दिनेश रैदास व ज्ञानवती पुलिस के साथ कहासुनी करने लगे थे। उन्होंने शोर मचाकर अपने बेटे आदर्श व उसकी पत्नी काजल को भी बुला लिया और पुलिस टीम के साथ मारपीट करने लगे थे।























