
जांजगीर चांपा। खोखसा ओवरब्रिज को रोशन रखने यू तो दोनों ओर 37-37 स्ट्रीट खंभे खड़े हैं लेकिन इनमें से 40 फीसदी खंभों की बत्ती गुल है। शुक्रवार की रात जब पत्रिका ने यहां जाकर स्थिति का जायजा लिया तो रात 9 बजे के करीब दोनों ओर लगे 74 में से 24 खंभों की लाइट बंद थी और ब्रिज के आधे हिस्से में अंधेरा छाया हुआ था। ऐसे में यह समझ से परे हैं कि विद्युतीकरण में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी ओवरब्रिज में रात के समय गुजरने वाले लोगों को अंधेरे के बीच सफर करना मजबूरी है या जिम्मेदार विभाग के अधिकारी खुद अंधेरे में हैं कि उन्हें कुछ पता ही नहीं है। बत्ती गुल खंभों की संख्या बढ़ती जा रही है उससे तो यही लग रहा है कि एक के बाद एक गुल होते खंभों की संख्या बढ़ते क्रम है और यही हाल तो एक दिन पूरा ब्रिज ही अंधेरे में आगोश में समा जाएगा। विगत 1 जुलाई को ही खोखसा ओवरब्रिज का उद्घाटन हुआ है। 10 सालों के इंतजार के बाद जाकर लोगों को इस ब्रिज से आवागमन अब जाकर करने को मिल रहा है। लेकिन इसमें भी रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा। यही वजह है कि 40 फीसदी खंभों के लाइट नहीं जलने के बाद भी जिम्मेदारों को ब्रिज का अंधेरा नजर नहीं आ रहा है। अंधेरे में चलते यहां पर हादसा होने के खतरे से भी इंकार नहीं किया जा सकता। ओवरब्रिज में खंभों की बत्ती गुल होने से रात में अंधेरे का आलम तो है ही, सड़क की हालत भी खराब होने लगी है। जांजगीर की ओर से जाने पर ओवरब्रिज में सफर की शुरुआत गड्ढों से गुजरकर हो रही है। ओवरब्रिज के शुरुआत में ही सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से यहां पानी भी भर गया है। इसकी भी मरम्मत नहीं की जा रही है। इस संबंध में पीडब्लयूडी के ईएंडएम के एसडीओ अक्षत निराला का कहना रहा कि नपा को हैंडओवर कर दिया गया है। विद्युतीकरण के संबंध में वे ही बता पाएंगे। वहीं इस संबंध में नपा सीएमओ चंदन शर्मा से जानकारी लेने उन्हें फोन किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई।


























