बांगो बांध भरा 93 फीसदी, नदी में छोड़ा गया 24 हजार क्यूसेक पानी

कोरबा। कोरिया मनेंद्रगढ़ में पिछले तीन दिन से हो रही भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। इसका असर कोरबा जिले मेें भी हुआ। झगराखाण्ड क्षेत्र से निकलने वाली हसदेव इस दौर में पानी-पानी हो गई। उसके साथ मिलने वाली सहायक नदियों ने भी दबाव की स्थिति बनाई। इसके नतीजन कोरबा जिले में स्थित बहुउद्ेशीय हसदेव बांगों बांध परियोजना की प्यास बुझती हुई नजर आ रही है। 93 फीसदी जल भराव के कारण यहां से फिलहाल 24610 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकेण्ड की रफ्तार से नदी में प्रभावित किया गया है। जबकि हसदेव बराज दर्री के 3 गेट से 15 फीट पानी छोड़ा जा रहा है।
लगातार बारिश के कारण हालात अब असहज होते जा रहे है। पड़ोसी जिले के साथ-साथ कोरबा जिले में बारिश ने स्थिति को असामान्य किया है। इस सीजन में पहली बार बांगों बांध से गेट खोलने की नौबत आई। शनिवार की रात तक यहां से 3 गेट के जरिए 18 हजार क्यूसेक पानी हसदेव में छोड़ा गया। जल संसाधन विभाग को उम्मीद थी की बांगों बांध के जलस्तर को समयोजित बनाये रखने के लिए इतना करना काफी होगा, लेकिन यह सही साबित नहीं हुआ। बांध में लगातार आ रहे पानी ने मुश्किले बढ़ाई। इसलिए बांध से और पानी को बाहर करना जरूरी हो गया। आज सुबह दो मौके पर परियोजना के 2 और गेट खोले गये। कुल मिलाकर यहां से 24610 क्यूसेक पानी हसदेव में छोड़ा जा रहा है।
निचली बस्तियों में परेशानी
बांगों बांध से छोड़े गये पानी हसदेव नदी के जल स्तर को तो बढ़ाया ही, बैराज को भी मुश्किल में डाला। इसलिए यहां से पानी को हसदेव में छोडऩे की कार्यवाही की गई। इसके प्रभाव से मोतीसागरपारा, सीतामणी और ईमलीडुग्गू के कुछ हिस्से चपेट में आये। यह वो क्षेत्र है जहां पर नदी का तट कुछ दुरी पर है, या फिर दूसरे रास्ते से होते हुए बाढ़ का पानी अपनी पहुंच बना लेता है। अतिवृष्टि की स्थिति में ऐसी स्थिति पिछले वर्षों में भी निर्मित हुई और इस बार भी ऐसा हुआ। भारी वर्षा से यहां कुछ मकानों को क्षति हुई। लोगों ने दूसरी जगह पर आश्रय लिया हुआ है।
समीक्षा के साथ खोलेंगे अतिरिक्ति गेट: ईई
हसदेव बांगों बांध परियोजना के कार्यपालन अभियंता संतोष तिवारी ने बताया कि फिलहाल 5 गेट खोले गये है और यहां से 24610 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। एक गेट को ट्रायल के लिए खोला गया है। अभी की स्थिति में बांध में 93 फीसदी पानी मौजूद है। स्थिति की समीक्षा के आधार पर आगूे और गेट खोलने का निर्णय लिया जायेगा। इससे पहले प्रशासन को अवगत कराया जायेगा।

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