
नईदिल्ली, २८ जुलाई ।
देश में मानसूनी बारिश का कहर जारी रहा। उत्तराखंड से लेकर गुजरात और महाराष्ट्र तक लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। दोनों राज्यों में कई बस्तियां जलमग्न हैं। वहीं, उत्तराखंड में सोन गंगा नदी के उफान से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग का 100 मीटर हिस्सा बह गया। इस दौरान हाईवे के दोनों तरफ वाहनों के साथ ही यात्रियों की लंबी कतार लगी रही।
उधर, गढ़वाल क्षेत्र में भूस्खलन के मलबे से घर ढह गया, जिसमें दबने से मां-बेटी की मौत हो गई। वहीं, घनसाली में धर्मगंगा के उफान में मां-बेटी बह गए। भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार को 17 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। रुद्रप्रयाग में शनिवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश से सोन गंगा नदी उफना गई। सोनप्रयाग में एक्रो पुल से पहले रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे का 100 मीटर हिस्सा नदी में बह गया। गनीमत रही कि इस दौरान हाईवे के इस हिस्से पर छोटे वाहनों के साथ कोई पैदल आवाजाही नहीं हो रही थी। बिजली के पोल ध्वस्त हो गए। बिजली की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए। प्रशासन, पुलिस और डीडीआरएफ ने दूसरी ओर रोके गए 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला। मौसम विभाग ने गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान और कर्नाटक में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तमिलनाडु, केरल, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने मध्य भारत में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। नवसारी में 2,200 और तापी जिले में 500 लोग बाढ़ की चपेट में आ गए। इन 2,700 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। उधर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कोल्हापुर और राज्य के अन्य हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पर स्थानीय प्रशासन से चर्चा की और उन्हें मदद करने का निर्देश दिया।



















