
मुंबई। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चर्चा जारी है। आज महायुति के शीर्ष नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक होनी है। शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता संजय राउत ने गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए महायुति गठबंधन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज उनके पास पूरा बहुमत है…लेकिन सात दिन बाद भी वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं दे पाए हैं। आखिर वजह क्या है। राउत ने कहा, आखिर प्रधानमंत्री, अमित शाह और उनके नेता मुख्यमंत्री का फैसला क्यों नहीं कर पा रहे। वह (एकनाथ शिंदे) हमेशा बालासाहेब ठाकरे का नाम लेते हैं और शिवसेना के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन उनके फैसले दिल्ली में होते हैं। बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के फैसले कभी दिल्ली में नहीं होते थे। उसके फैसले यहीं मुंबई में होते थे। हम कभी दिल्ली नहीं गए। तब अटल जी और आडवाणी जी हुआ करते थे। हमने कभी उनके सामने दिल्ली जाकर भीख नहीं मांगी। रिपोर्ट्स की मानें तो महाराष्ट्र में अभी एक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों का फॉर्मूला जारी रह सकता है। जहां मुख्यमंत्री पद भाजपा के देवेंद्र फडणवीस को मिलने की अटकलें हैं, वहीं डिप्टी सीएम पद एकनाथ शिंदे (शिवसेना) और राकांपा के अजित पवार को मिल सकता है।


























