
लखनऊ। उपभोक्ताओं को बिजली का भार बढ़ाने के लिए भेजे जा रहे एसएमएस का जवाब देकर भार बढ़वाया जा सकता है। अगर निर्धारित भार से कम बिजली इस्तेमाल की जा रही है तो भार बढ़वाने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसका जवाब देकर भार बढ़ाने से मना किया जा सकता है। उक्त जानकारी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने शनिवार को वेबीनार में उपभोक्ताओं को दी। वेबीनार में उपभोक्ताओं ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्रों के हिसाब से बिजली के बिल भेजने का मुद्दा उठाया। अवधेश वर्मा ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का भार लगातार तीन माह तक निर्धारित भार से ज्यादा आ रहा है।
उन्हीं को नोटिस भेजा जा रहा है, लेकिन व्यवस्था यह है कि कंपनियां उपभोक्ताओं को लिखित में नोटिस भेजेंगी या पीडीएफ बनाकर हस्ताक्षर युक्त नोटिस भेजा जाएगा। वेबीनार में क्षेत्रीय अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता ने भी उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना।


















