
कोरबा। वितरण कंपनी के अंतर्गत कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बिजली पोल खड़े करने और वायरिंग किए जाने का काम सुरक्षा मानकों को हासिए पर रखते हुए किया जा रहा है। जिल्गा-बरपाली क्षेत्र में इस काम में लगे मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार ने ऐसे कोई सामान उन्हें नहीं दिए हैं।
20 फिट उंचे खंभों को खड़े करने के साथ उन पर वायरिंग का काम करने में अप्रशिक्षित ग्रामीणों को लगा दिया गया है। सरकारी दर के बजाय जोखिम भरे काम के लिए ऐसे लोगों को केवल 400 रुपए दिए जा रहे हैं। कोरबा और रायगढ़ जिले की सीमा से सटे जिल्गा बरपाली गांव का है,जहां सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर ग्रामीणों से जोखिम भरा काम करवाया जा रहा है। कवि लाल नाम का यह ग्रामीण वैसे तो खेती किसानी और रोजी मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पेट भरता है लेकिन एक दिन में चार सौ रुपए कमाने के लालच में ये बिना सेफ्टी बेल्ट के 20 फिट उंचे बिजली के खंबे में चढ़ गया। नीचे आने पर जब हमने उससे जवाब तलब किया तब उसने कुछ इस तरह अपना पक्ष रखा।
अंबिकापुर में रहने वाले अनिल मेहता नामक व्यक्ति को इस क्षेत्र में बिजली पहुंचाने का काम किया गया है। काम के दौरान नियमों का पालन किया जा रहा है,कि नहीं इससे न तो वितरण कंपनी को कोई मतलब है और ना ही ठेकेदार को। मौके पर मौजूद सुपरवाईजर भी काम को प्राथमिकता दे रहा है उसके लिए चाहे फिर किसी की जान को भी क्यों न दांव पर लगाना पड़े। सुरपरवाईजर से सवाल करने पर उसने अपने बचाव में कुछ इस तरह की बात कही।


























