
शिमला, 2९ दिसंम्बर ।
हिमाचल भाजपा ने इस वर्ष फरवरी में मास्टरस्ट्रोक खेल न केवल राज्यसभा सीट जीत इतिहास रचा था बल्कि प्रदेश सरकार को संकट में डाल दिया था। यह मास्टरस्ट्रोक पार्टी पर ही इतनी जल्दी भारी पड़ेगा, इसका अंदाजा किसी ने नहीं लगाया था।सालभर से पहले ही कांग्रेस से भाजपा में आए छह नेताओं की पुराने व संगठन के नेताओं की गैर मौजूदगी में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से हुई मुलाकात से भाजपा की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कई राजनीतिक संकेत दे रही है। यह मुलाकात पार्टी के लिए सामान्य बात हो सकती है, लेकिन बाहर से आए नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से समय दिया जाना और उनकी बात सुनने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। विधायक सुधीर शर्मा, आशीष शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, चैतन्य शर्मा व देवेंद्र भुट्टो ने नई दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से बुधवार को मुलाकात की थी।ये सभी फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद भाजपा में आए थे। उपचुनाव हुए तो सुधीर, आशीष और इंद्रदत्त लखनपाल जीत गए थे जबकि शेष हार गए। हिमाचल में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव हो रहे हैं। संगठनात्मक चुनाव में मंडल और जिलाध्यक्ष के पदों पर अपने लोगों की तैनाती न होने से नाराज इन नेताओं ने यह मुलाकात की है।