
लंदन, २७ अक्टूबर ।
ब्रिटेन आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (एआई) के नए स्वरूपों की जांच और परीक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ऐसे में ब्रिटेन में दुनिया के पहले एआई सुरक्षा संस्थान का मुख्यालय स्थापित किया जाएगा। अगले सप्ताह ब्रिटेन को वैश्विक एआई सुरक्षा सम्मेलन की मेजबानी करनी है।लंदन में गुरुवार (26 अक्टूबर) को ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि उनका मानना है कि एआई जैसी प्रौद्योगिकी औद्योगिक क्रांति, बिजली आने और इंटरनेट की खोज जितनी ही परिवर्तनकारी होगी। हालांकि, एआई सकरात्मक पहलुओं के साथ नए खतरे और डर भी पैदा करती है, जिससे निपटने की जरूरत है।
पीएम सुनक ने चेतावनी दी अगर इसका गलत इस्तेमाल हुआ तो एआई रासायनिक और जैविक हथियार बनाना आसान कर सकता है और आतंकी संगठन बड़े पैमाने पर दहशत और विनाश फैलाने के लिए एआई का उपयोग कर सकते हैं। अपराधी साइबर हमलों, गलत जानकारी, धोखाधड़ी और यहां तक कि बाल यौन दुव्यवहार के लिए भी एआई का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने प्रौद्योगिकी से मानवता का नियंत्रण खोने और सुपर इंटेलिजेंस जैसे एआई से जुड़े डर का भी जिक्र किया, जिनके वास्तविकता में बदलने की बहुत कम संभावना है। उन्होंने कहा कि इस प्रौद्योगिकी के सबसे बड़े डेवलपर्स भी इसके जोखिमों के बारे में चेतावनी देते हैं।





















