भक्तों के लिए खुलने चाहिए जगन्नाथ पुरी के सभी द्वार, केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की मांग

भुवनेश्वर, २३ जुलाई [एजेंसी]।
पुरी जगन्नाथ मंदिर प्रशासन को मंदिर के सभी द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल देने चाहिए ताकि भक्त पारदर्शी तरीके से चारों द्वार के माध्यम से आसानी से महाप्रभु के दर्शन कर सकें। यह बात केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कही। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि सरकार द्वारा मंदिर के चारों द्वारों से प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाए जाने से श्रद्धालुओं की दुर्दशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान एक दरवाजा खोलकर अन्य सभी दरवाजे बंद कर दिए गए थे। कोरोना का डर अब नहीं रहा। ऐसे में चारों द्वार खोल दिए जाने चाहिए। चारों द्वारों से श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसलिए, इसे खोलना बहुत जरूरी है। मंदिर के आसपास से अतिक्रमण हटाए जाने से माहौल खुल गया है। इसलिए अगर राज्य सरकार मंदिर के चारों द्वार खोल देती है तो पुरी के निवासियों और यहां रहने वाले श्रद्धालुओं को फायदा होगा। क्योंकि जगन्नाथ महाप्रभु के साथ इनके नीतिगत रिश्ते हैं,घरेलू संबंध है। जगन्नाथ महाप्रभु के साथ इनकी खास भावनाएं जुड़ी हुई हैं इसलिए बुजुर्ग हो या महिला,पारदर्शी तरीके से मंदिर जाने और ठाकुर के दर्शन कर सकेंगे। क्योंकि हजारों साल पहले से चार दरवाजे लगे हैं। इसे स्थायी रूप से रोकना अच्छा नहीं होगा। वहीं मंदिर प्रशासन के अधिकारियों को बिना कोई आपत्ति दिखाए इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान करना चाहिए। इस बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने भी इसी तरह की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनमत बनाया गया है कि श्रद्धालु चार द्वारों से स्वतंत्र रूप से मंदिर जा सकते हैं।
हर कोई इसकी मांग कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि लोगों के विरोध को देखकर और जनमत को स्वीकार कर सरकार की समझदारी जरूर उभरेगी। क्योंकि जनता की राय का सभी को सम्मान करना चाहिए। हालांकि इस बीच राजस्व मंत्री प्रमिला मलिक ने इस मुद्दे पर केन्द्र मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नरसिंह मिश्रा के विचारों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि परिक्रमा परियोजना पर फिलहाल काम चल रहा है। गड्ढे खोदे गए हैं।
यही कारण है कि मंदिर के चारों द्वार प्रवेश के लिए नहीं खुले हैं। चार द्वारों से श्रद्धालुओं के गुजरने पर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए सही समय आने पर चारों दरवाजे खोल दिए जाएंगे। राज्य सरकार इसमें कोई बाधा नहीं बनी है। सरकार ने जानबूझकर श्रद्धालुओं के लिए चारों द्वारों के प्रवेश पर रोक नहीं लगाई। जरूरत पडऩे पर इसे खोला जाएगा।

RO No. 13467/11