सक्ती। शहर के नंदेली भाटा मैदान में 29 दिसंबर को सर्व सनातन हिंदू पंचायत विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न स्थानों से हिंदुवादी संगठनों के दिग्गज हस्तियों ने पहुंच कर सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोगों से आवाहन किया। कार्यक्रम के दौरान धर्म परिवर्तन करने वाले सैकड़ो परिवारों की घर वापसी हुई।
हिंदू सम्राट प्रबल प्रताप जुदेव, बस्तर सांसद महेश कश्यप, सांसद कमलेश जांगड़े, आयोजक अंजू गवेल विधिवत उनके पैर धोकर उनकी वापसी कराई। 29 दिसंबर, की सुबह से ही जिले के विभिन्न
स्थानों से लोग पहुंचने लगे थे। लोगों का कहना था कि अनेक लोग लालच में आकर धर्म परिवर्तन कर लेते हैं, किंतु उन्हें पुन: हिंदू धर्म में वापस लाने का काम सतत चल रहा है। ज्ञात हो की नवगठित शक्ति जिले में एवं शक्ति शहर में ईसाई मिशनरियों द्वारा जोर-जोर से धर्मांतरण का कार्य विगत एक लंबे अरसे से किया जा रहा है। सक्ती
विधानसभा, चंद्रपुर विधानसभा में अनेकों ऐसे स्थल है जहां भारी संख्या में वर्ष भर धर्मांतरण का कार्य चलता है, तथा गरीब परिवारों को प्रलोभन देकर उन्हें धर्मांतरण करवा दिया जाता है, तथा इसे देखते हुए शक्ति शहर में अनेकों बार हिंदूवादी संगठनों ने इसके खिलाफ आवाज भी उठाई, किंतु छत्तीसगढ़ प्रदेश में तत्कालीन कांग्रेस की सरकार में धर्मांतरण रोकने को लेकर कोई विशेष पहल शासन द्वारा नहीं हुई जिसके चलते लोगों ने धर्मांतरण कर लिया, किंतु अब प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसे क्षेत्रो को चिन्हांकित कर वहां बड़े व्यापक रूप से हिंदू सम्मेलनों का आयोजन कर धर्मांतरण कर लेने वाले परिवारों की फिर से हिंदू धर्म में वापसी करवाई जा रही है, तथा जिस स्थान पर 29 दिसंबर को शक्ति में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया इस जगह से लगकर ही तत्कालीन कांग्रेस की सरकार में मसीह समाज द्वारा चर्च बनाए जाने का भी प्रस्ताव लाये जाने की चर्चा जोरों से थी, जिसका हिंदूवादी संगठनों ने विरोध भी किया था।
कार्यक्रम में बाबा रामबालक दास, रामस्वरूप दास, राजेंद्र भाई, अजय उपाध्याय, श्रीमती अंजू गबल रूपेन्द गबेल, कृष्ण कांत चन्दा डा खिलावन साहू, घनश्याम साहू, राम नरेश यादव, बिजय जायसवाल, अभिषेक शर्मा, गजेंद्र राठौर, पूनम साहू हजारों की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित थे।