
बुलंदशहर, २९ नवंबर ।
कोतवाली डिबाई की रिपोर्टिंग चौकी दौलतपुर पुलिस ने गुरुवार को महिला सवारियों के साथ लूटपाट ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चैकिंग के दौरान गिरोह के पांच बदमाश और उनकी साथी महिला को गिरफ्तार किया है। बदमाश अलीगढ़, बुलन्दशहर, हापुड़, गाजियाबाद के अलावा आसपास के जिलों में महिला सवारियों के साथ कार में बिठाकर लूटपाट और ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। एसपी देहात रोहित मिश्रा ने बताया कि बुधवार की रात पुलिस टीम भीमपुर दोराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान चौकी प्रभारी को सूचना मिली की दो कारों में सवार कुछ लोग केवल महिला सवारियों को बैठाने का प्रयास कर रहे हैं। पुरुष सवारी मिलने पर आनाकानी करने लगते हैं। पुलिस ने शक होने पर दोनों कारों को तलाशना शुरू कर दिया। इस पर दोनों कार सवार अनूपशहर की ओर भाग निकले। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दोनों कारों को अलीगढ़ अनूपशहर रोड़ की सूरजपुर मखेना नहर से पकड़ लिया। दोनों कारों में एक महिला समेत पांच लोग सवार थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लूटपाट की घटना के इरादे से क्षेत्र में आए थे। पहले भी इस क्षेत्र में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के नाम अलीगढ़ के सुरेंद्र, सौदान सिंह, संभल के मोहित व उसकी बहन सोनिया, बुलंदशहर के सनी, और नीरज बताए।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए बदमाश शातिर अपराधी हैं। उन्होंने 20 नवंबर को भीमपुर दोराहे से कार में बैठाकर एक महिला को लूटपाट के बाद कसेर स्टेशन पर उतार दिया था। इसके अलावा 21 नवंबर को स्याना के हापुड़ अड्डे पर एक महिला और 24 नवंबर को इसी थाना क्षेत्र के रिलायंस पेट्रोल पंप से बिठाकर एक महिला को लूटा था। आरोपियों ने दो अक्टूबर को कोतवाली डिबाई के धर्मपुर चौकी क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ के साथ मारपीट करते हुए लूटपाट की थी।
पुलिस ने बदमाशों के अन्य साथी मेरठ की कमलेश पत्नी चंद्रपाल, बुलंदशहर के गुड्डू और जैकी उर्फ प्रदीप की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने बदमाशों के पास से सोने चांदी के आभूषण, तीन तमंचे, कारतूस, चाकू, दो मारुति कार और महिला सवारियों के पास से लूटी गई एक लाख 39 हजार रुपए की धनराशि बरामद की है। बदमाशों पर बुलंदशहर अलीगढ़ समेत आसपास के जिलों में लूटपाट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राठौर ने बताया कि पकड़े गए बदमाश शादी में शामिल होने वाली महिलाओं को निशाना बनाते थे, क्योंकि इन महिलाओं के पास सोने-चांदी के जेवरात अधिक मात्रा में रहते हैं। बदमाश इन महिलाओं का बैग गाड़ी में पीछे रखवाकर बीच में बिठा लेते थे। इस बैग से गिरोह में शामिल महिलाएं मौका मिलते ही जेवरात निकाल लेती थीं। इसके बाद बदमाश महिलाओं को सुनसान स्थान पर जबरन कार से उतारकर फरार हो जाते थे।





















