
इस्लामाबाद, १५ फरवरी ।
पाकिस्तान परस्त आतंकी संगठनों को लेकर भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान से पाकिस्तान तिलमिला गया है। संयुक्त बयान में पाकिस्तान से कहा गया है कि वह मुंबई आतंकी हमले और पठानकोट हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। इस बयान पर पाकिस्तान ने शुक्रवार को आपत्ति जताई। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि हम भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य में पाकिस्तान के विशिष्ट संदर्भ को एकतरफा, भ्रामक और राजनयिक मानदंडों के विपरीत मानते हैं। उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत को हथियारों की बिक्री पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में सैन्य असंतुलन बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (भारत के समय के अनुसार शुक्रवार सुबह) वाशिंगटन में बैठक के दौरान पाकिस्तान से 26/11 मुंबई हमलों के अपराधियों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी पहली बार दो दिवसीय अमेरिका की यात्रा पर पहुंचे। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पीएम मोदी की मेजबानी की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद समेत तमाम मुद्दों पर विचार विमर्श किया।संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मजबूती से एक साथ खड़े हैं। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई आवश्यक है। दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के वैश्विक संकट से लड़ा जाना चाहिए। दुनिया के हर कोने से आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना जरूरी है।



























