
माले, १३ जून ।
भारत के दो पड़ोसियों मालदीव और म्यांमार की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को लेकर विश्व बैंक ने चेतावनी दी है। विश्व बैंक ने कहा है कि मालदीव दशकों से अपने साधनों से अधिक खर्च कर रहा है। खर्च में तेज बढ़ोतरी और सब्सिडी ने घाटा बढ़ा दिया है। उसे उच्च ऋण संकट जोखिम और वित्तपोषण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के लिए विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर फारिस एच हदाद-जर्वोस ने कहा कि मालदीव की वार्षिक ऋण सेवा जरूरतें वर्तमान और अगले वर्ष के लिए 512 मिलियन डालर और 2026 में 1.07 अरब डालर होने की संभावना है। फारिस ने कहा कि देश का आर्थिक इंजन पर्यटन उद्योग धीमा हो गया है। देश की अर्थव्यवस्था इस साल 4.7 प्रतिशत बढऩे का अनुमान है, जो पिछले अनुमान से कम है। यह विकास की गति में नरमी को दर्शाता है।
वहीं, म्यांमार को लेकर बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, विश्व बैंक के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि मार्च में समाप्त हुए वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था एक प्रतिशत वार्षिक गति से बढ़ी है। यह पहले की अपेक्षा अधिक धीमी है। इस वित्तीय वर्ष में भी इसी तरह की विकास दर की उम्मीद है। विश्व बैंक का सर्वे पिछले छह महीनों में आर्थिक गतिविधियों में बहुत कम या कोई सुधार नहीं होने का सुझाव देता है।