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नईदिल्ली, 27 फरवरी।
भाजपा नेता ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा पर बेंगलुरू में 12.35 एकड़ सरकारी जमीन अवैध रूप से हड़पने का आरोप लगाया। अब सैम पित्रोदा ने इन आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत में उनके पास जमीन, घर और कोई स्टॉक नहीं है। सैम पित्रोदा ने एक्स पर लिखा कि भारत में टेलीविजन और प्रिंट मीडिया में हाल में आई रिपोर्टों के मद्देनजर मैं स्पष्ट रूप से यह कहना चाहता हूं कि भारत में मेरे पास कोई जमीन, घर या शेयर नहीं है। पित्रोदा ने आगे कहा कि 1980 के दशक के मध्य में प्रधानमंत्री राजीव गांधी और 2004 से 2014 तक डॉ. मनमोहन सिंह के साथ काम करने के दौरान मैंने कभी कोई वेतन नहीं लिया।
पित्रोदा ने आगे कहा कि मैंने अपने 83 साल के जीवन में भारत में या किसी अन्य देश में कभी रिश्वत न दी है और न स्वीकार की है। यह पूर्ण और अकाट्य सत्य है। भाजपा नेता एनआर रमेश ने आरोप लगाया था कि सैम पित्रोदा ने वन विभाग के अधिकारियों समेत 5 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मदद से बेंगलुरु के येलहंका में 12.35 एकड़ सरकारी जमीन अवैध रूप से हासिल की।
इस जमीन की कीमत 150 करोड़ रुपये है। रमेश बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के पूर्व पार्षद हैं। उन्होंने पित्रौदा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और कर्नाटक लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई है। ईडी को दी शिकायत में भाजपा नेता रमेश ने कहा कि पित्रोदा ने 23 अक्टूबर 1993 को महाराष्ट्र के मुंबई में सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के कार्यालय में फाउंडेशन फॉर रिवाइटलाइजेशन ऑफ लोकल हेल्थ ट्रेडिशन (एफआरएलएचटी) नामक एक संगठन पंजीकृत कराया था।