मंदिरों में पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाएगा पवनपुत्र का प्राकट्य उत्सव

सक्ती। शहर के थाना परिसर स्थित श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में मंगलवार 23 अप्रैल को इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव का कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर संध्या समय 49 वीं भव्य महा आरती का कार्यक्रम होगा। मंदिर के पंडित देवी प्रसाद वैष्णव एवं पुजारी पंडित ओमप्रकाश वैष्णव के सानिध्य में 23 अप्रैल को ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे। मंदिर परिवार के सदस्यों ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव पर सुबह 7.30 बजे आरती होगी, तथा शाम को सात बजे संध्या की महा आरती होगी। रात्रि 7.30 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ होगा एवं रात्रि 8 बजे से सप्तक म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भजन संध्या का कार्यक्रम होगा। हनुमान जन्मोत्सव को लेकर मंदिर में साज – सजा की जा रही है। वहीं प्राकृतिक फूलों से भी हनुमानजी का श्रृंगार किया जाएगा। सिद्ध श्री सिद्ध हनुमान मंदिर में हनुमान जन्मोत्स धूमधाम के साथ मनाया जाता है। मंदिर के पुजारी पंडित ओमप्रकाश वैष्णव नेसभी हनुमान भक्तों को सह परिवार कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है। पंडित के मुताबिक मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा-सेवा के लिए समर्पित है। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। इनकी आराधना करने से हर तरह के रोग व कष्ट मिट जाते हैं। शास्त्रों में हनुमान जी की पूजा बहुत ही कल्याणकारी और बेहद शुभ फलदायी मानी गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी को भी कुछ खास चीजें अति प्रिय हैं, जिनका उन्हें भोग लगाकर भक्त अपनी मनवांछित इच्छाओं की पूर्ति के लिए अर्पित करते हैं। उनमें सबसे प्रिय पान का बीड़ा है। हनुमान को मीठा पान बेहद पसंद है। बस यह ध्यान रहे कि पान में चूना, तंबाकू या सुपारी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। मीठा पान का माला भी चढ़ाते हैं। भक्त हनुमान जी को प्रसन्न करने सबसे अधिक नारियल चढ़ाते हैं। इसके अलावा गुड़ चना, चूरमा के लड्डू तथा बूंदी के लड्डू नैवेद्य के रूप में अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ये चीजें भोग के रूप में उन्हें काफी पसंद है। ऐसा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं जल्द पूरी हो जाती है।

RO No. 13467/11