
आईटीएलएफ ने आदेश को बताया मौत का फरमान
इंफाल, २४ फरवरी । मणिपुर में आदिवासियों की शीर्ष संस्था इंडीजिनयस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने शुक्रवार को 100 से अधिक कुकी-जो आदिवासी पुलिसकर्मियों का मैतेयी बहुल इलाकों में स्थानांतरण करने पर कड़ा विरोध जताया। संस्था ने आदेश को पुलिसकर्मियों के लिए मौत का फरमान बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की।गत तीन मई को गैर आदिवासी समुदाय मैतेयी और आदिवासी कुकी-जो के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था। हिंसा में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वरिष्ठ आईटीएलएफ नेता और प्रवक्ता गिंजा वुअलजोंग ने कहा कि मौजूदा स्थिति में स्थानांतरण अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें (कुकी-जो पुलिसकर्मियों) मैतेयी आबादी वाले जिलों की यात्रा करनी पड़ेगी और यदि वे यात्रा में बच भी जाते हैं तो उन्हें ज्यादातर मैतेयी पुलिसकर्मियों के साथ तैनात किया जाएगा। ऐसे में सरकार उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती है। संस्था ने गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि मणिपुर की हिंसा के कारण राज्य में समुदाय जातीय आधार पर बंट गए हैं। अभी हाल ही में तीन आदिवासी सुरक्षा कर्मियों को मैतेयी समुदाय के लोगों ने हमला कर बर्बरतापूर्वक पर पीटा था। उन्हें बमुश्किल केंद्रीय सशस्त्र बलों ने बचाया था। ऐसे में यह स्थानांतरण अन्यायपूर्ण हैं। आईटीएलएफ ने गृह मंत्री को पत्र में मणिपुर पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी भेदभावपूर्ण आदेश को लागू किए जाने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया।






























