मत्स्य पालन विभाग की कार्यशैली से अधिकतर तालाबों का नहीं हो सका ठेका

जांजगीर- चांपा। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ श्रम ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि करने के लिए शासकीय तालाबों को लीज पर दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन जिले में जिम्मेदार मत्स्य विभाग की उदासीनता और मनमानी के चलते आधे से अधिक तालाबों का ठेका त नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि लीज पर देने के लिए निर्धारित 2758 तालाबों में से एक तिहाई से भी कम 867 तालाबों का ही ठेका हुआ है, बाकी की प्रक्रिया अभी तक लंबित है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के 5 विकासखंडों में 1995 तालाबों को लोज पर देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इनमें से 1502 तालाबों को लीज पर देने इंश्तहार प्रकाशन हो चुका है, जबकि 369 का ईस्वहार प्रकाशन भी नहीं हुआ है। इसके अलावा 60 वालाचों को स्कूटनी हो चुकी है और का प्रकरण एएफओ व एफआई के पास लंबित है। जबकि 64 प्रकरण पंचायतों से पारित करके भेजे गए है और 1390 प्रकरण काम पंचायतों के पास लबित है।
जिले के 5 विकासखंडों में 1891 तालावों को पटटे पर दिया जाना बाकी है। इनमें नवागढ़ ब्लाक में सर्वाधिक 569 तालाबों का पट्टा जारी नहीं हुआ है. तो इसके बाद बलौवा में 463. अकलतरा में 396. पामगढ़ में 296 और बम्हनीडीह ब्लाक में 167 तालाबों का पट्टा जारी होना बाकी है। बताया जाता है कि इनमें से काई जगहों पर पंचायत व मत्स्य विभाग के अफसरों के चीच खींचातानी हो रही है। जिसके कारण तालाब ठेका की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
पर पट्टा जारी करने के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव नहीं मिला है, तो वहीं जहां से प्रस्ताव मिले है, तो बहस मत्स्य विभाग के अफसरों के साथ समन्वय नहीं बन पा रहा है।
जांजगीर चांपा जिले के 5 विकासखंडों में कुल 3 हजार 903 तालाब है, जिनमें से 415 तालाबों को निस्तारी के लिए सुरक्षित रखा गया है, जबकि 730 अपनुपयोगी है। इसके बाद शेष 2758 तालाबों को मछली पालन के लिए 10 वर्षीय पट्टे पर दिया जाना है, लेकिन जिले में जिम्मेदार मत्स्य पालन विभाग को मनमानी और उदासीनता के साथ ग्राम पंचायतों में समन्वय नहीं बन पाने के कारण दो तिहाई से भी अधिक तालाबों का ठेका नहीं हो सका है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में ले दे करके 867 तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर दिया है, जबकि 1891 तालाबों का ठेका अभी तक नहीं हो सका है।

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