मदिरा दुकानों के 11 कर्मियों को दिखाया बाहर का रास्ता

जांजगीर-चाम्पा। प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा बिना किसी कारण पैसों की मांग करना तथा पैसे न देने देने पर मनमानी करते हुए जिले के देसी- विदेसी मदिरा दुकानों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को ठेका कंपनियों द्वारा बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिससे कर्मचारी बेरोजगार हो गए और दर-दर ठोकरे खाने में मजबूर हैं। जिले में शराब दुकानों के संचालन के लिए सीएसएमसीएल रायपुर के माध्यम से सभी जिलों में प्राइवेट कम्पनियों को दिया गया है। जिसके अंतर्गत जांजगीर-चाम्पा जिले में प्राईम वन वर्क फोर्स प्रालि, जांजगीर के सभी शराब दुकानों के संचालन का कार्य दिया गया है। प्राईम वन वर्क जांजगीर द्वारा जिले में सेल्समेन की भर्ती 2020 को हुई भर्ती भर्ती पक्षात कमर्चारी अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे थे। इसी बीच प्राईम वन के संचालक अजित सिंह, गौरव शुक्ला, चंद्रिका चंद्रा व कमलेश साहू द्वारा निकाले गए 11 कर्मचारियों से प्रति व्यक्ति एक-एक लाख रुपए की मांग की गई। क्योंकि शासन के अधिकारी और मंत्रियों को पैसा देना पड़ता है और ऊपर से आदेश है जो पैसा नहीं देगा उसे निकाल देंगे। इस बीच उनके द्वारा पैसे नहीं दिया गया और बिना किसी सूचना के विगत 13 अक्टूबर को नौकरी से निकाल दिया।
प्राईम वन वर्क फोर्स प्रालि, जांजगीर के द्वारा युक्तिकरण के नाम पर बेवजह विधि विरुद्ध तरीके से छटनी किया जाना तथा नई भर्ती के नाम पर उन्हीं पदों पर पैसे लेकर पुन: भर्ती किया जा रहा है और हर शराब दुकान में 30-30 हजार रुपए व्हीआईपी खर्च के रूप में अवैध वसूली की जा रही है। इसे पर तत्काल संज्ञान लेकर इस पर जांच करते हुए रोक लगाने की मांग की गई तथा युवाओं को पुन: नौकरी में यथावत नियुक्त देने की मांग की। और जब प्रतिदिन की तरह हम अपने-अपने कार्यस्थल पर गए तो उन्होनें हमें कार्यस्थल से भगा दिया।

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